ग्रेटर नोएडा

बिल्डरों के द्वारा भूजल दोहन करने के कारण तो नहीं हुई युवराज की मौत

नोएडा: नोएडा के सेक्टर 150 में बिल्डर के द्वारा बेसमेंट की खुदाई करने के बाद यूं ही छोड़ दिया गया। जिसमें यहां की सोसाइटियों और कुछ बिल्डरों के द्वारा लगभग दो-तीन वर्षों से लगातार भूजल दोहन करने की वजह से यहां जल भराव की स्थिति हमेशा बनी रहती है। यह जल भराव सिर्फ 100 या 200 मीटर के एरिया में नहीं है यह जल भराव लगभग 1 से 2 किलोमीटर के एरिया में हमेशा बना रहता है प्रश्न यह उठता है कि यह पानी इतनी बड़ी तादाद में कहां से आया। इस समस्या के समाधान एवं एसईटी की जांच का ध्यान आकर्षित करने हेतु करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारी को अनुराग सारस्वत को सौंपा ,

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि इस घटना से यहां यह प्रतीत होता है कि सिस्टम की लापरवाही संसाधनों की कमी जिम्मेदार एजेंसियों की सुस्ती के कारण नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में SIT टीम गठित कर जांच की बात कही गई है तो करप्शन फ्री इंडिया संगठन आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता है कि यह जल भराव बरसात या बाढ़ का नहीं है। नोएडा के सेक्टर 150,151,149 ,153,163 में कुछ बिल्डरों के द्वारा बिल्डिंग निर्माण कार्य चल रहा है जो की जमीनी जलस्तर को कम करने हेतु सैकड़ो बोर के माध्यम से भूजल दोहन पिछले दो-तीन वर्ष से लगातार कर रहे हैं।

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर ने कहा कि इस दिशा में भी SIT की टीम के द्वारा जांच होनी चाहिए और इन बिल्डरों पर भी युवराज मेहता की मौत का मुकदमा चलना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों एवं राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने पर भी इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। नोएडा के सेक्टर 150 गोल चक्कर मोमनाथल गांव के मार्ग से लेकर मोहियापुर गांव तक एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड के साथ-साथ बनी ग्रीन बेल्ट में दो-तीन वर्ष से लगातार जल भराव होने के कारण कई हजार पेड़ मर चुके हैं। बिल्डरों के द्वारा किए जा रहे भूजल दोहन को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन पिछले लंबे समय से शिकायत कर रहा है लेकिन भूजल विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मिली भगत के कारण भूजल दोहन नहीं रख पा रहा है। इस प्रकरण में जिलाधिकारी के द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित की गई फिर भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।

इस दौरान आलोक नागर बलराज हूंण जिलाध्यक्ष प्रेम प्रधान रिंकू बैसला ज्ञानवीर पहलवान तेजवीर चौहान धर्मेंद्र भाटी मोहित कपासिया भीष्म कुमार पवन सिंह अजीत नागर रिंकू भाटी कृष्ण कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!