ग्रेटर नोएडा

जीबीयू में फूड एवं फार्मास्यूटिकल विश्लेषण तकनीकों पर कौशल विकास कार्यशाला आयोजित

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज़ एंड एप्लाइड साइंसेज़ अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा “फूड एवं फार्मास्यूटिकल्स में टेक्सचर एनालाइज़र, वॉटर एक्टिविटी एवं हेडस्पेस एनालाइज़र” विषय पर एक दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. एम.डी. तशफीन अशरफ ने की। अपने संबोधन में उन्होंने खाद्य उद्योग में टेक्सचर विश्लेषण की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी उत्पाद की 70 प्रतिशत से अधिक अस्वीकृति खराब टेक्सचर के कारण होती है, जिससे इसके औद्योगिक विकास एवं उपभोक्ता स्वीकार्यता में महत्त्व स्पष्ट होता है।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में साइंटिफिक एंड डिजिटल सिस्टम्स की प्रोडक्ट मैनेजर सुश्री रागिनी शर्मा ने ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने सॉफ्टनेस, स्मूदनेस एवं फोर्स रिस्पॉन्स जैसे प्रमुख टेक्सचर पैरामीटर्स पर चर्चा की तथा खाद्य एवं फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में प्रयुक्त विभिन्न टेक्सचर विश्लेषण परीक्षणों की विस्तृत जानकारी दी।

उद्यमिता से जुड़े सत्र में डम्बल नट्स के सह-संस्थापक श्री विभु अग्रवाल ने अपने उद्यमशीलता अनुभव साझा कर छात्रों को नवाचार एवं स्टार्टअप विकास के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि उन्हें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा “द बेस्ट एंटरप्रेन्योर” के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त, डीएफएम फूड्स की क्वालिटी एक्जीक्यूटिव सुश्री जया कुमारी ने HACCP, ISO मानकों एवं फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (FSMS) पर उद्योग-उन्मुख जानकारी प्रदान की, जिससे छात्रों को गुणवत्ता आश्वासन एवं नियामक अनुपालन की बेहतर समझ मिली।

तकनीकी सत्रों का संचालन सुश्री रागिनी शर्मा एवं एसडीएस के टेरिटरी सेल्स मैनेजर (नॉर्थ) श्री भास्कर मजूमदार द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को टेक्सचर एनालाइज़र के माध्यम से कम्प्रेशन प्लेट एवं मेलोडी चॉकलेट पर कटिंग टेस्ट का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया गया, जिसमें एक्सपोनेंट सॉफ्टवेयर द्वारा परिणामों का ग्राफिकल विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यशाला के दौरान टेक्सचर एनालाइज़र, वॉटर एक्टिविटी एवं हेडस्पेस एनालाइज़र के महत्व पर आधारित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. गुंजन गर्ग एवं डॉ. नवीन कुमार शामिल रहे।

समग्र रूप से यह कार्यशाला छात्रों के लिए एक समृद्ध शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अनुभव सिद्ध हुई, जिसने उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ किया तथा उन्नत खाद्य विश्लेषण उपकरणों में छात्रों की तकनीकी दक्षता को और अधिक मजबूत किया।

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