भाकियू नेता की शिकायत पर एस डी एम सदर ने ई ओ व तहसीलदार को दिये कार्रवाई के आदेश
औरंगाबाद में दबंग भूमाफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का मामला

औरंगाबाद (बुलंदशहर )औरंगाबाद में सरकारी जमीनों पर दबंग भूमाफियाओं द्वारा पुनः किए गए अवैध कब्जे को तत्काल हटवाने के कड़े निर्देश एस डी एम सदर ने अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर और तहसीलदार सदर को दिये हैं।अब दबंग भूमाफियाओं के खिलाफ अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई होती है यह भविष्य ही बता पायेगा।
औरंगाबाद नगर पंचायत की गाटा संख्या 1330,1331, तथा 1333 जिसको विगत दिवस दबंग भूमाफियाओं ने एक बार फिर से अवैध कब्जे द्वारा हथियाने का प्रयास किया था। और मामले की शिकायत भारतीय किसान यूनियन चढूनी जिलाध्यक्ष सुनील कुमार लोधी ने ज्ञापन के माध्यम से एस डी एम सदर से की थी।
भाकियू जिलाध्यक्ष द्वारा दिए गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए एस डी एम सदर दिनेश चंद्र ने अपने पत्र दिनांक 20जनवरी 26 द्वारा तहसीलदार सदर और नगर पंचायत औरंगाबाद के अधिशासी अधिकारी सेवा राम राजभर को दबंग भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और किये गये अवैध कब्जे को तत्काल हटवाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
विदित हो कि नगर पंचायत औरंगाबाद की गाटा संख्या 1330,1331,1333पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे का मामला लगभग एक वर्ष पूर्व
क्षेत्रीय विधायक संजय शर्मा द्वारा विधानसभा में उठाया गया था। जिसपर संज्ञान लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी। उस कार्रवाई से मचे हड़कंप से भृष्टाचार में लिप्त अधिकारी सकते में आ गए थे और आनन फानन में जमीन की पैमाइश पूरी कर सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के बाद नगरपंचायत की मिल्कियत का बोर्ड कब्जा मुक्त जमीनों पर लगवा दिया गया था। लेकिन रिश्वतखोरी और भृष्टाचार में लिप्त अधिकारियों ने मामला ठंडा होते ही अवैध कब्जे करने वाले दबंगों को हरी झंडी दिखाकर प्रोत्साहित करने में देरी नहीं की। इसके चलते नगर पंचायत द्वारा लगवाए गए बोर्ड पाताल में समा गए और अवैध कब्जा पुनः कर लिया गया।
देखना दिलचस्प होगा कि एस डी एम सदर के आदेश पर क्या कार्रवाई होती है।ठोस कार्रवाई होती है अथवा मामला फाइलों में कैद कर दिया जाएगा यह वक्त ही बताएगा






