दनकौर

लालच और डर को छोड़कर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता हैं -डॉ. उपदेश वर्मा

दनकौर: श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलिज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में आयोजित वन वीक ऑफलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो0 डॉ0 उपदेश वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, भौतिक विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, विशिष्ट अतिथि मनमोहन सिंह शिशोदिया, भौतिक विज्ञान (जी0बी0यू0),  रजनीकान्त अग्रवाल (सचिव), डॉ गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य), डॉ रश्मि गुप्ता (उपप्राचार्या), के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष विधिवत दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके हुआ। इस अवसर पर डॉ गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य), के द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. उपदेश वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली ने “Cyber Crime Prevention and Policies” विषय पर अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समसामयिक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, उसके बढ़ते प्रभाव, डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता तथा साइबर अपराध की रोकथाम हेतु लागू नीतियों एवं आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत वेद, उपनिषद्, स्मृतियों, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण आदि में साइबर अपराध को रोकने की जानकारी पर प्रकाश डाला और कहा कि लालच और डर को छोडकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता हैं।

डॉ. वर्मा ने तकनीकी एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता न केवल शैक्षणिक संस्थानों, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य है। उनके व्याख्यान से प्रतिभागियों को साइबर अपराध से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा नीतिगत समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। मंच का संचालन डॉ. निशा शर्मा के द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री अमित नागर ने किया। अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

आज के कार्यक्रम में शिक्षकगण डॉ गीता सिंह, डॉ राकेश कुमार, सूर्य शेखर विशाल, तन्य ओझा, संजीव कुमार, अतुल कुमार, डॉ सुमित कुमार, डॉ0 देवानन्द सिंह, श्री अमित नागर, श्रीमती शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 शिखा रानी, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता रावल, डॉ0 अज़मत आरा, श्री इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, श्रीमती प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा,  महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती हनी शर्मा,  अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, श्री प्रिंस त्यागी, श्री अजय कुमार,  करन नागर,  पुनीत कुमार गुप्ता,  मुकुल कुमार शर्मा,  रामकिशन सिंह,  विनीत कुमार,  अंकित कुमार,  राकेश कुमार,  रामकुमार शर्मा,  रनवीर सिंह,  बिल्लू सिंह,  मीनू सिंह,  ज्ञानप्रकाश कश्यप,  मोती कुमार,  धनेश कुमार, श्रीमती कमलेश,  जगदीश सिंह,  मनोज कुमार आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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