दैनिक जीवन में प्रचलित अनेक परंपराएँ, आचार-विचार एवं जीवन पद्धतियाँ गहन वैज्ञानिक चिंतन पर आधारित -डॉ0 लक्ष्मण नागर

दनकौर:आज श्री द्रोणाचार्य (पी0जी0) कॉलिज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में आयोजित वन वीक ऑफ लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के पाँचवे दिवस का शुभारंभ डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य), डॉ0 रश्मि गुप्ता (उपप्राचार्या) के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष विधिवत दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके हुआ। इस अवसर पर डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य), के द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया
मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य अतिथि डॉ0 लक्ष्मण नागर, असिस्टेट प्रोफेसर, माइक्रो बायोलॉजी, चौ0 चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उ0प्र0), ने “Indian Knowledge Traditions in Daily Life: A Scientific Perspective in Life Sciences” विषय पर अत्यंत सारगर्भित एवं प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में डॉ0 लक्ष्मण नागर ने भारतीय ज्ञान परंपराओं की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारे दैनिक जीवन में प्रचलित अनेक परंपराएँ, आचार-विचार एवं जीवन पद्धतियाँ गहन वैज्ञानिक चिंतन पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राचीन भारतीय ज्ञान केवल सांस्कृतिक या धार्मिक परंपरा मात्र नहीं है, बल्कि उसमें स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जीवन संतुलन से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांत निहित हैं, जिनकी पुष्टि आधुनिक जीवन विज्ञान भी करता है। डॉ लक्ष्मण नागर ने उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि आयुर्वेद, योग, आहार-विहार, तथा स्वच्छता संबंधी परंपराएँ आज के जीवन विज्ञान एवं विशेष रूप से माइक्रो बायोलॉजी जैसे विषयों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय ज्ञान परंपराएँ मानव जीवन को प्रकृति के साथ संतुलन में रखने की वैज्ञानिक दृष्टि प्रस्तुत करती हैं, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। मंच का संचालन डॉ0 शिखा रानी (सहायक आचार्य हिन्दी विभाग) के द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 रश्मि गुप्ता ने किया। अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आज के कार्यक्रम में शिक्षकगण श्रीमती मानसी गर्ग, मोहित गुप्ता, राहुल त्रिपाठी, संतोष कुमार, डॉ0 देवानन्द सिंह, अमित नागर, श्रीमती शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता रावल, डॉ0 अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, श्रीमती प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा, महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रामकुमार शर्मा, श्री रनवीर सिंह, श्री बिल्लू सिंह, श्री मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, श्रीमती कमलेश आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासन पूर्ण रहा।







