गीता कर्म, ज्ञान एवं भक्ति के समन्वय का अद्वितीय ग्रंथ – डॉ0 दीपक कुमार शर्मा

दनकौर:आज श्री द्रोणाचार्य (पी0जी0) कॉलेज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में आयोजित वन वीक ऑफ लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के छठे एवं अंतिम दिन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ0 दीपक कुमार शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक-शिक्षा विभाग, कु0 मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर, गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य, श्री द्रोणाचार्य पी0जी0 कॉलेज, दनकौर) एवं डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता डॉ0 दीपक कुमार शर्मा ने अपने व्याख्यान “Indian Knowledge System with Bhagavad Gita” विषय पर प्रस्तुत करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा में श्रीमद्भगवद् गीता के दार्शनिक, नैतिक एवं व्यवहारिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गीता को कर्म, ज्ञान एवं भक्ति के समन्वय का अद्वितीय ग्रंथ बताते हुए आधुनिक जीवन में उसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित डॉ0 प्रवीण कटारिया, सहायक आचार्य, हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ तथा डॉ0 यग्गेश कुमार, सहायक आचार्य, हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ ने भी भारतीय ज्ञान परंपरा में गीता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ0 शिखा रानी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का यह अंतिम सत्र ज्ञान, संस्कृति एवं भारतीय परंपरा के समन्वय का प्रेरणादायी उदाहरण सिद्ध हुआ तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 रश्मि गुप्ता ने किया। अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आज के कार्यक्रम में शिक्षकगण डॉ0 भारती, डॉ0 संजीव कुमार रूहेला, प्रो0 उमेश कुमार, श्रीमती नीलम, डॉ0 उषा, कु0 काजोल, कु0 सानिया, डॉ0 मुकेश भारद्वाज, डॉ0 योगेश कुमार, पवन ठाकुर, सनी चौधरी, गौरव कुमार, डॉ0 देवानन्द सिंह, अमित नागर, श्रीमती शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता रावल, डॉ0 अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, श्रीमती प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा, महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, रामकिशन सिंह, विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रामकुमार शर्मा, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, श्रीमती कमलेश आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासनपूर्ण रहा।
वन वीक ऑफ लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (थ्क्च्) का समापन वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया और कार्यक्रम में वन वीक प्रतिभाग करने वाले समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।







