विरासत के रंग: शारदा विश्वविद्यालय में रंगोली कला के माध्यम से उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव

ग्रेटर नोएडा:उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय में “यूपी दिवस” थीम के अंतर्गत एक रंगोली निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चार विभिन्न स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाली चार टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं अर्थपूर्ण रंगोलियाँ बनाई, जिनमें उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। इन रंगोलियों में राज्य के पारंपरिक नृत्य रूप, सांस्कृतिक प्रतीक, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल—विशेष रूप से मंदिर—तथा प्राचीन परंपराओं का प्रभावशाली चित्रण किया गया। प्रत्येक रंगोली अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक गहराई और सौंदर्यात्मक आकर्षण के लिए विशिष्ट रही।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन एसोसिएट डीन शांति नारायण एवं प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर, शारदा विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। मूल्यांकन के मानदंडों में रचनात्मकता, मौलिकता, विषय की प्रासंगिकता तथा समग्र प्रस्तुति शामिल थे। एसएसवीएस टीम, जिसमें दिक्षा, भूमि गुप्ता और कशिश जुनेजा शामिल थीं, ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि एसएसबीटी टीम, जिसमें प्रिया कुमारी, आयांसी कुमारी और मोध अबीर शामिल थे, ने द्वितीय पुरस्कार हासिल किया।
यह आयोजन सांस्कृतिक जागरूकता, रचनात्मकता, टीमवर्क और छात्र सहभागिता को बढ़ावा देने में सफल रहा तथा शारदा विश्वविद्यालय की समग्र विकास और सांस्कृतिक समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है।
वर्ष 2018 से उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की स्थापना की स्मृति में उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन कर रही है। 24 जनवरी 1950 को राज्य का नाम यूनाइटेड प्रोविंसेज़ से बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था, इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।







