ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ब्राज़ील के प्रख्यात बौद्ध विद्वान लामा पद्म समतेन का दौरा, ‘बौद्ध मनोविज्ञान’ पर विशेष व्याख्यान

ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ब्राज़ील के प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान, आध्यात्मिक गुरु एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त चिंतक लामा पद्म समतेन ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह से शिष्टाचार भेंट कर एक सार्थक एवं रचनात्मक बैठक की। बैठक में भारत और ब्राज़ील के मध्य शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने, संयुक्त अनुसंधान, अकादमिक आदान-प्रदान, शिक्षण सहयोग तथा छात्र एवं संकाय मोबिलिटी से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

लामा पद्म समतेन ने वर्ष 1970 से 1993 तक ब्राज़ील के पोर्टो एलेग्रे स्थित फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो ग्रांडे डो सुल में भौतिकी एवं क्वांटम फिज़िक्स के अध्यापक के रूप में सेवाएँ दीं। वे बोधिसत्व बौद्ध अध्ययन केंद्र (Centro de Estudos Budistas Bodisatva – CEBB) के संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं, जिसने हाल ही में अपने शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक कार्यों के 40 वर्ष पूर्ण किए हैं। वे महान बौद्ध गुरु चागदूद तुल्कु रिनपोछे के शिष्य रहे हैं तथा दिसंबर 1996 में उन्हें न्यिंगमा परंपरा में लामा के रूप में दीक्षा प्राप्त हुई। वर्तमान में वे ब्राज़ील में दस बौद्ध समुदायों एवं लगभग पचास नगर केंद्रों का नेतृत्व कर रहे हैं और पराना प्रांत स्थित सुखावती बौद्ध केंद्र में निवास करते हैं। उनका प्रमुख शैक्षणिक सरोकार समकालीन विज्ञान और बुद्धधर्म के मध्य सेतु निर्माण करना है।

लामा पद्म समतेन के दौरे के क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय(School of Buddhist Studies and Civilization) में “बौद्ध मनोविज्ञान (Buddhist Psychology)” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस सत्र में लामा पद्म समतेन ने बौद्ध मनोविज्ञान के अंतर्गत मन, संज्ञान, भावनाओं एवं चेतना से संबंधित गहन दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। उन्होंने समकालीन शैक्षणिक, चिकित्सीय एवं ध्यानात्मक संदर्भों में बौद्ध मनोवैज्ञानिक ढाँचों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विचारोत्तेजक संवाद किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. चिंतला वेंकट शिवसाई, विभागाध्यक्ष, बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता विद्यालय एवं निदेशक (इंटरनेशनल अफेयर्स ), के नेतृत्व में किया गया। उनके साथ डॉ. चंद्रशेखर पासवान , डॉ. प्रियदर्शिनी मित्रा, डॉ. ज्ञानादित्य शाक्य, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, श्री विक्रम, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर कुलपति से हुई बैठक में प्रो. राजीव वर्मा, डीन (अकादमिक), डॉ. चिंतला वेंकट शिवसाई, निदेशक तथा डॉ. सी. एस. पासवान भी उपस्थित रहे। सभी ने आपसी शैक्षणिक समृद्धि, संयुक्त अनुसंधान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा वैश्विक बौद्ध संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

विश्वविद्यालय ने बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में अंतरविषयी संवाद को प्रोत्साहित करने, अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा विज्ञान और धर्म के मध्य सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। यह दौरा बौद्ध अध्ययन में बढ़ती वैश्विक रुचि और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है ।

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