राष्ट्रीय

कुम्हार (प्रजापति) समाज की सरकार से माटी कला बोर्ड जल्द गठन करने की मांग

मुजफ्फरपुर :बिहार कुम्हार (प्रजापति) समाज सेवा समिति की ओर से जगदीशपुर बधनगरी छावनी टोला वार्ड नं 3 में घर- घर मिलने की अभियान शुरू किया गया है । उनके समस्या को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार से मांग किया है। कुम्हार प्रजापति समाज एक प्राचीन और गौरवशाली समाज है, जिसका इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है। यह समाज मिट्टी के बर्तन, मूर्तियाँ, और अन्य शिल्पकला, कलात्मक वस्तुएँ बनाने में माहिर है। इसके लिए प्रसिद्ध है। कुम्हार समाज को प्रजापति समाज भी कहा जाता है, जो दक्ष प्रजापति के वंशज माने जाते हैं हाल ही में, हरियाणा सरकार ने कुम्हार समाज को पंचायती जमीन पर मिट्टी के बर्तन बनाने की अनुमति दी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कुम्हार जाति के वर्गीकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है

कुम्हार समाज के लोग शिक्षा, उद्योग, राजनीति, और आईटी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं। समाज की कुलदेवी श्री श्रीयादे माता हैं, जिनकी पूजा कुम्हार समाज के लोग करते हैं ।

बिहार कुम्हार प्रजापति समाज सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश पंडित ने बताया कि कुम्हार समाज ने मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जैसे कि हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसी प्राचीन सभ्यताओं में मिट्टी के बर्तनों के प्रमाण मिलते है । स्वतंत्रा संग्राम से लेकर भारत के संविधान लिखने में भी कुम्हार प्रजापति समाज की मुख्य भूमिका रहा है । सरकार से मांग है कि यह कला विरासत में मिला है इसको संभालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। कुम्हार समाज को सरकार से किसी तरह के मदद नहीं मिल रहा है । अब समय दुर नहीं है कि यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तो आने वाला समय में खुद मुंह के खाने पड़ेगा । ईंट से ईंट बजा दिया जाएगा । हमारी मांग है कि बिहार सरकार जल्द से जल्द माटी कला बोर्ड की गठन किया जाए । इसके लिए बिहार कुम्हार प्रजापति समाज सेवा समिति ने मुख्यमंत्री बिहार सरकार, युवा कला सांस्कृतिक विभाग एवं शासन सचिवालय को पत्र भेजकर मांग किया है । मांग पुरा नहीं होने पर जन जागरण अभियान शुरू किया जाएगा ।

 

 

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