जीबीयू में द्वितीय आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IC3ECSBHI-2026
अमेरिका, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों से 2,300 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में शैक्षणिक उत्साह का माहौल है, जहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित द्वितीय आईईईई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन “कॉग्निटिव कंप्यूटिंग इन इंजीनियरिंग, कम्युनिकेशन, साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोमेडिकल हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स (IC3ECSBHI-2026)” की अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 12 से 14 फरवरी तक विश्वविद्यालय के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।
सम्मेलन विश्वविद्यालय की वैश्विक शोध उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस आयोजन को अमेरिका, मलेशिया, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों से 2,300 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए। कठोर सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के उपरांत चयनित शोध पत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस तथा बायोमेडिकल इन्फॉर्मेटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में नवीन आयाम प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन का आयोजन मुख्य संरक्षक प्रो. राणा प्रताप सिंह (माननीय कुलपति, जीबीयू) एवं प्रो. एस.एन. सिंह (डायरेक्टर, आईआईआईटीएम ग्वालियर) के मार्गदर्शन में हो रहा है। संरक्षक के रूप में प्रो. राजीव वार्ष्णेय (डीन एकेडमिक्स) और प्रो. चंदर कुमार सिंह (रजिस्ट्रार, जीबीयू) सहयोग प्रदान कर रहे हैं। प्रो. एम.ए. अंसारी जनरल चेयर, डॉ. कीर्ति पाल सम्मेलन अध्यक्ष तथा डॉ. ओमवीर सिंह मुख्य संयोजक की भूमिका निभा रहे हैं।
इस सम्मेलन को आईईईई यूपी सेक्शन का तकनीकी प्रायोजन प्राप्त है, जबकि डीआरडीओ, सीएसआईआर, स्कोपस और काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (उत्तर प्रदेश) का सहयोग मिल रहा है।
आयोजन में जर्मनी, मलेशिया, कज़ाकिस्तान सहित विभिन्न देशों के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनमें डॉ. डैनियल हैन (जर्मनी), प्रो. इर डॉ. वाई यी लियोंग (मलेशिया), डॉ. मोहम्मद रोज़ी इस्माइल (मलेशिया), प्रो. प्रवीण कुमार (कज़ाकिस्तान) और डॉ. देवकांत पहाड़ सिंह (डीआईपीएएस–डीआरडीओ) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
शैक्षणिक सत्रों के अतिरिक्त सम्मेलन में उद्योग-अकादमिक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को शोध और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का अवसर मिलेगा। आयोजन को सफल बनाने में छात्र समन्वयकों अमन, आदित्य, अक्षत, लाइना, मान्या, महक और फातिमा—की टीम ने पंजीकरण, लॉजिस्टिक्स और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह सम्मेलन शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा।







