गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आईईईई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (IC3ECSBHI)-2026 का भव्य उद्घाटन 20 से अधिक देशों की विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता का बना साक्षी

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में द्वितीय आईईईई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कॉग्निटिव कंप्यूटिंग इन इंजीनियरिंग, कम्युनिकेशन्स, साइंसेज एंड बायोमेडिकल हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स (IC3ECSBHI-2026) का भव्य उद्घाटन हुआ। 20 से अधिक देशों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों की सहभागिता के साथ यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता का सशक्त मंच बना।
सम्मेलन के पहले दिन की शुरुआत के उद्घाटन सत्र में , मुख्य वक्ताओं के प्रेरक संबोधन तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न ऑडिटोरियम में समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इस सम्मेलन का आयोजन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया, जिसे आईईईई यूपी सेक्शन (इंडिया) का तकनीकी सह-प्रायोजन प्राप्त है।
उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह के संरक्षण और मार्गदर्शन में हुआँ | मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर एस. एन. सिंह, माननीय निदेशक, आईआईआईटीएम ग्वालियर उपस्थित रहे। सम्मानित अतिथियों में डॉ. देवकांत पहाड़ सिंह (डीआरडीओ, दिल्ली) एवं प्रोफेसर सतीश कुमार सिंह, तत्कालीन अध्यक्ष, आईईईई यूपी सेक्शन शामिल थे। सम्मेलन के जनरल चेयर प्रोफेसर एम. ए. अंसारी तथा सम्मेलन अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय अतिथियों प्रोफेसर इर. डॉ. वाई यी लियोंग (आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मलेशिया), डॉ. डैनियल हैन (टेक्निकल डायरेक्टर, क्वांटम सर्विसियोज मैरिटिमोस, जर्मनी), डॉ. मोहम्मद रोज़ी इस्माइल (डिप्टी डायरेक्टर, टीटीआई, मलेशिया) तथा डॉ. देवकांत पहाड़ सिंह (डायरेक्टर, डीआईपीएएस–डीआरडीओ) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कॉन्फ्रेंस में मुख्यता कॉग्निटिव कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोमेडिकल हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स की उभरती भूमिका पर प्रकाश डाला गया , ये तकनीकें भविष्य के तकनीकी परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उद्घाटन समारोह के उपरांत पांच ऑडिटोरियम में समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनकी अध्यक्षता प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने की। इन सत्रों में प्रस्तुत शोध पत्रों और विचार-विमर्श ने नवाचार, अंतःविषयक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।
सम्मेलन के पहले दिन का सफल आयोजन संकाय सदस्यों, आयोजन समितियों, छात्रों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता का परिणाम रहा। आगामी दो दिनों में और अधिक मुख्य वक्ता सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान और तकनीकी चर्चाओं के साथ यह सम्मेलन शोध उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सशक्त बनाने वाला एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बनने की दिशा में अग्रसर है।
तकनीकी सत्रों के साथ-साथ सम्मेलन में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। इन जीवंत प्रस्तुतियों ने शैक्षणिक वातावरण में उत्साह और ऊर्जा का संचार करते हुए पहले दिन को यादगार बना दिया।







