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आकाशवाणी से पॉडकास्ट तक: रेडियो की बदलती आवाज़ विषय पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया अध्ययन विभाग में विश्व रेडियो दिवस का किया भव्य आयोजन

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत जनसंचार एवं मीडिया अध्ययन विभाग द्वारा विश्व रेडियो दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “आकाशवाणी से पॉडकास्ट तक: रेडियो की बदलती आवाज़” रहा, जिसमें पारंपरिक रेडियो से डिजिटल पॉडकास्ट युग तक की यात्रा पर विमर्श किया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 से अधिक विद्यार्थियों सहित विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

यह आयोजन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविंद के संरक्षण में तथा विभागाध्यक्ष प्रो. बंदना पांडेय के संयोजन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेडियो महारानी की प्रमुख सपना सूरी रहीं तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आकाशवाणी के प्रोग्राम ऑफिसर श्री संतोष द्विवेदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ की गई। विशिष्ट अतिथि श्री संतोष द्विवेदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए आकाशवाणी की विरासत और रेडियो समाचार व कथात्मक प्रस्तुति की निरंतर प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेडियो को “मन का रंगमंच” बताते हुए विश्वसनीयता, अनुशासन और संचार में स्पष्टता को मीडिया पेशे की आधारशिला बताया तथा विद्यार्थियों को नैतिक जागरूकता का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने छात्रों को रेडियो के युवा वाणी कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी।

मुख्य वक्ता सपना सूरी ने अपने लोकप्रिय शो “रात बाकी बात बाकी” के अनुभव साझा किए। उन्होंने रेडियो के डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के साथ समन्वय, रचनात्मक कहानी कहने तथा प्रसारण में जुनून और प्रामाणिकता के महत्व पर बल दिया।

रेडियो महारानी की प्रसिद्ध रेडियो जॉकी आरजे गीत (लोकप्रिय नाम “इश्क़ वाली गीत”) ने रेडियो प्रस्तुति और कंटेंट क्रिएशन के अनुभव साझा करते हुए वॉयस मॉड्यूलेशन, श्रोताओं से जुड़ाव और आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताया।

कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रो. बंदना पांडेय ने विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने रेडियो दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रेडियो को संवाद, समावेशन और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम मानते हुए यूनेस्को द्वारा विश्व रेडियो दिवस को मान्यता दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सड़क सुरक्षा, भ्रष्टाचार और बालिका सशक्तिकरण जैसे विषयों पर बनाए गए पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट (पीएसए) की भी प्रस्तुति की गई। साथ ही, बाल श्रम पर आधारित एक छात्र-निर्मित रेडियो डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण किया गया, जिसने विभाग की व्यावहारिक एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक प्रशिक्षण परंपरा को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र, प्रमाणपत्र वितरण एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. विनीत कुमार, डॉ. बिमलेश पांडेय, डॉ. रिया मौर्या एवं सुश्री शोभा यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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