संस्कारों की ज्योति: मातृ-पितृ पूजन दिवस का भावपूर्ण उत्सव

बिलासपुर:आज सेंट जॉर्ज स्कूल पंचायतन ग्रेटर नोएडा में मातृ-पितृ पूजन दिवस अत्यंत श्रद्धा, सांस्कृतिक गरिमा और भावनात्मक वातावरण के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय प्रांगण भक्ति, सम्मान और भारतीय संस्कारों की सुगंध से सुवासित हो उठा। इस पावन अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यालय के माता-पिता तुल्य शिक्षकगणों का विधिवत पूजन किया तथा उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। विद्यार्थियों ने तिलक, अक्षत, पुष्प एवं आरती के माध्यम से अपने श्रद्धाभाव को अभिव्यक्त किया। अनेक विद्यार्थी अपने माता-पिता के त्याग, स्नेह और समर्पण को स्मरण कर भाव-विभोर हो उठे। कुछ क्षणों के लिए संपूर्ण वातावरण अश्रुमय हो गया और उपस्थित सभी जनों के हृदय में अपने माता-पिता के प्रति आदर और प्रेम की भावना उमड़ पड़ी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रजनीश सेठी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी संबोधन में माता-पिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु हैं, जिनके आशीर्वाद और संस्कारों से ही हमारा व्यक्तित्व निर्मित होता है। उन्होंने प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति की महानता का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी परंपरा में ‘मातृ देवो भवः, पितृ देवो भवः’ केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है।
प्रधानाचार्य महोदय अपने उद्बोधन में उन्होंने आधुनिकता के संदर्भ में भी विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण के कारण हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। सामाजिक और मानवीय मूल्यों में गिरावट चिंताजनक है। व्यक्तिवाद और स्वार्थ की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जबकि पारिवारिक एकता, बड़ों का सम्मान और पारस्परिक संवेदनशीलता जैसे मूल्य क्षीण होते जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिकता को अपनाएँ, परंतु अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों की रक्षा करते हुए। सच्ची उन्नति वही है, जिसमें परंपरा और प्रगति का सुंदर समन्वय हो।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगणों एवं प्रशासनिक विभाग के सदस्यों ने विद्यार्थियों को स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर ने सभी को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता का पुनः अनुभव कराया।
आज का मातृ-पितृ पूजन दिवस विद्यालय में अत्यंत भावपूर्ण, प्रेरणादायी एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने सभी के हृदय में संस्कार, सम्मान और कृतज्ञता की अमिट छाप छोड़ी ।







