ग्रेटर नोएडा

पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन

एक्शन रिसर्च प्लान श्यामपट से समाधान तक : शिक्षकों के साझा प्रयास

बेसिक शिक्षा को दिशा देती नई शोधपरक पुस्तक

 प्रदेश के 75 जनपदों के शिक्षकों के साझा प्रयासों से सृजित अनुपम शैक्षिक ग्रंथ

बेसिक शिक्षा में नवाचार एवं अनुसंधान को समर्पित एक महत्वपूर्ण प्रयास

ग्रेटर नोएडा:एएमजीआर फाउंडेशन के सौजन्य एवं आईटीएस कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के सौहार्दपूर्ण आतिथ्य में पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का भव्य, सुव्यवस्थित एवं गरिमामंडित आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन शिक्षा, प्रशासन तथा अकादमिक जगत के मनीषियों के समागम का साक्षी बना, जिसमें बौद्धिक चेतना एवं शैक्षिक नवोन्मेष का सजीव दर्शन हुआ।

इस अवसर पर ‘एक्शन रिसर्च प्लान (श्यामपट से समाधान तक : शिक्षकों के साझा प्रयास)’ शीर्षक से प्रकाशित शोधप्रधान शैक्षिक ग्रंथ का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस महत्त्वपूर्ण कृति का संपादन अर्चना पाण्डेय (सहायक अध्यापिका, जनपद गौतम बुद्ध नगर) द्वारा अत्यंत परिश्रम, शैक्षिक दृष्टि एवं शोधपरक संवेदनशीलता के साथ संपन्न किया गया है।

समारोह के विशिष्ट अतिथियों में माननीय डॉ. वी. पी. सिंह (पूर्व विधायक), रेखा सिंह, एन. पी. सिंह पुनरवाह (पूर्व अध्यक्ष, नोएडा एवं वरिष्ठ भाजपा नेता),

प्रो. सत्यभूषण दास (प्रोफेसर – मार्केटिंग मैनेजमेंट, भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ),

डॉ. अरुण मोहन शैरी (निदेशक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, लखनऊ)

तथा डॉ. अरुण मोहन शर्मा (मुख्य महाप्रबंधक, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड) की गरिमामयी उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

अतिथिगणों ने ग्रंथ की विषयवस्तु पर गहन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कृति बेसिक शिक्षा के कक्षा-कक्षों में व्याप्त जटिल, यथार्थपरक एवं बहुआयामी समस्याओं की सूक्ष्म पहचान कर उनके क्रियाशील, व्यवहारसंगत एवं परिणामोन्मुख समाधान प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक शिक्षक को केवल अध्यापक न मानकर शोधकर्ता, नवप्रवर्तक एवं समाधानकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित करती है।

इस व्यापक शोध-कार्य में प्रदेश के लगभग 75 जनपदों से जुड़े शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही है, जिनमें से 57 शिक्षकों ने अपने क्रियात्मक शोध आधारित अनुभवों, प्रयोगों एवं निष्कर्षों को इस ग्रंथ में समाहित किया है। यह कृति न केवल तत्कालीन शैक्षिक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है, अपितु भावी शैक्षिक अनुसंधान, नीति-निर्माण एवं अकादमिक विमर्श हेतु एक सुदृढ़ एवं प्रेरणास्पद आधारभूमि भी निर्मित करती है।

उल्लेखनीय है कि यह ग्रंथ राष्ट्रीय ही नहीं, अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कक्षा-कक्ष आधारित शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु एक अनुकरणीय, संदर्भ योग्य एवं पथप्रदर्शक प्रयास के रूप में प्रतिष्ठित हो रहा है।

कार्यक्रम के अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, गौतम बुद्ध नगर  श्री राहुल पवार जी द्वारा पुस्तक हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं, जबकि पूर्व जिलाधिकारी, नोएडा – श्री मनीष कुमार वर्मा जी द्वारा प्रशंसात्मक संदेश प्रदान कर इस प्रयास को प्रेरणादायी बताया गया।

इस महत्त्वपूर्ण ग्रंथ के निर्माण में जनपद समन्वयक श्री विनय सिंह, श्री संजीव पाठक, श्री विनय प्रकाश सिंह, विद्यालय प्रधानाध्यापिका श्रीमती मंजू लता सिंह, शैक्षिक मार्गदर्शक श्रीमती रश्मि त्रिपाठी (एस.आर.जी.), तथा प्रूफ रीडिंग दल का योगदान अतुलनीय एवं प्रशंसनीय रहा।

समारोह का समापन शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, सहयोग एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।

इस महत्त्वपूर्ण कृति की संपादक अर्चना पाण्डेय (सहायक अध्यापिका, जनपद गौतम बुद्ध नगर) ने इस अवसर पर कहा कि ‘एक्शन रिसर्च प्लान’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि कक्षा-कक्ष से समाधान तक की एक प्रामाणिक एवं अनुभवजन्य शैक्षिक यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह कृति शिक्षक को मात्र अध्यापक नहीं, बल्कि एक सक्रिय शोधकर्ता के रूप में स्थापित करती है।

उन्होंने आगे बताया कि पुस्तक में समाहित शोधात्मक प्रयास यह सिद्ध करते हैं कि जब शिक्षक स्वयं अनुसंधान प्रक्रिया से जुड़ता है, तब शिक्षा ज्ञानार्जन से आगे बढ़कर सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण का प्रभावी माध्यम बन जाती है। उनके अनुसार यह ग्रंथ बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और नवाचार को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘एक्शन रिसर्च प्लान’ शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं शोधार्थियों के लिए एक उपयोगी और दीर्घकालिक मार्गदर्शक बनेगी,

 

 

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