ग्रेटर नोएडा

भाजपा ग्रेटर नोएडा मण्डल ने धर्म, साहस और बलिदान की अमर गाथा के साथ निकाली प्रभात फेरी

श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के अमर बलिदानी पुत्रों की अद्वितीय शहादत की पुण्य स्मृति में एक भव्य, श्रद्धामयी एवं अनुशासित प्रभात फेरी का किया गया आयोजन

ग्रेटर नोएडा:भारतीय जनता पार्टी ग्रेटर नोएडा मण्डल द्वारा मण्डल अध्यक्ष अर्पित तिवारी के नेतृत्व में आज दशवें सिख गुरु, खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के अमर बलिदानी पुत्रों — साहिबज़ादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी की अद्वितीय शहादत की पुण्य स्मृति में एक भव्य, श्रद्धामयी एवं अनुशासित प्रभात फेरी का आयोजन किया गया

यह प्रभात फेरी ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय के गोल चक्कर से प्रारंभ होकर श्री गुरुद्वारा साहिब, नॉलेज पार्क–3 तक निकाली गई। प्रभात फेरी में भारतीय जनता पार्टी ग्रेटर नोएडा मण्डल के समस्त पदाधिकारीगण, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

प्रभात फेरी के उपरांत श्री गुरुद्वारा साहिब में विशेष अरदास एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जहाँ साहिबज़ादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी की महान शहादत को श्रद्धा एवं भावविभोर मन से स्मरण करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई।ंइनं शोस अवसर पर मण्डल उपाध्यक्ष रावेन्द्र त्रिपाठी, विजय कसाना, सुनील शर्मा, दुष्यंत चौहान, कपिल भाटी, संजय चौहान। मण्डल महामंत्री रवि श्रीवास्तव।मण्डल मंत्री भारत भूषण परमार, गौरव तोमर, भूपेन्द्र कुमार, पुनीत दीक्षित। कोषाध्यक्ष आर्य कोरी। मीडिया प्रभारी भगवत प्रसाद शर्मा, सोशल मीडिया संयोजक अरूण मलेठा आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

श्री गुरुद्वारा साहिब के सेवादार गुरुवचन सिंह जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में साहिबज़ादों के बलिदान के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “साहिबज़ादा बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी का बलिदान केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए अदम्य साहस, अटूट आस्था और धर्मनिष्ठा का शाश्वत प्रतीक है। अल्पायु में ही उन्होंने अन्याय, अत्याचार और जबरन मतांतरण के विरुद्ध अडिग रहकर यह सिद्ध कर दिया कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए आयु नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है।”

उन्होंने कहा कि “इन बाल शहीदों ने हमें यह अमूल्य शिक्षा दी कि धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा हेतु यदि सर्वोच्च बलिदान भी देना पड़े, तो पीछे नहीं हटना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से साहस, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र-सेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए।”

 

 

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