ग्रीन वुड पब्लिक स्कूल की सराहनीय पहल: निजी प्रकाशन की पुस्तकों पर मिलेगी साठ प्रतिशत छूट
निजी स्कूलों में हो रही पुस्तकों पर कमीशनखोरी पर जोर दार तमाचा निजी स्कूलों में हो रही पुस्तकों पर कमीशनखोरी पर जोर दार तमाचा

औरंगाबाद( बुलंदशहर )ग्रीन वुड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक सैयद हुसैन अली ने अपने विद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र छात्राओं के अभिभावकों को समान रूप से
निजी प्रकाशन की सभी पुस्तकों पर साठ प्रतिशत छूट दिए जाने की घोषणा की है। जहां एक ओर इस सराहनीय पहल से अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है वहीं दूसरी ओर निजी पब्लिक स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशन की पुस्तकों पर कमीशनखोरी के चलते अभिभावकों की जेब पर डाले जा रहे खुले आम डाके की पोल भी खुल गई है।
ग्रीन वुड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक समाज सेवी सैयद हुसैन अली ने अभिभावकों के दर्द और उनकी मजबूरी को इंसानियत की हद तक जाकर समझा और उसी के चलते अभिभावकों को यह छूट देकर उनकी मदद करने का बीड़ा उठाया।
बच्चों को उक्त जानकारी देते हुए हुसैन अली ने कहा कि लूट खसोट के इस दौर में मुनासिब बजट में गरीब आदमी भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में समर्थ हो सकेंगे इसी सोच के साथ उन्होने बच्चों की पुस्तकों पर कमीशनखोरी को हराम समझते हुए निजी प्रकाशन की सभी पुस्तकों पर साठ प्रतिशत छूट दी है। उनका मानना है कि अच्छी शिक्षा हर भारतीय का मौलिक अधिकार है और हम इस नेक काम के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विदित हो कि सैयद हुसैन अली धर्मनिरपेक्ष और हिंदू मुस्लिम एकता के कट्टर समर्थक पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय सैयद सईदुल हसन साहब के पौत्र और दूर दूर तक विख्यात सूफी संत मियां जीवन अली साहब , और मियां मुराद अली साहब के वंशज हैं। कमीशनखोरी को हराम समझने वाले सैयद हुसैन अली का मानना है कि दीन दुखी की सेवा ही परम धर्म है।
इस सराहनीय पहल का एक पहलू यह भी है कि इस छूट से यह भी साबित हो गया है कि पब्लिक स्कूल संचालक अपने निजी स्वार्थ और कमीशन खोरी की खातिर निजी प्रकाशन की पुस्तकों को प्रिंट रेट पर खरीदने को विवश करते हैं और पुस्तक विक्रेताओं के माध्यम से उसपर पचास से साठ प्रतिशत या और भी ज्यादा कमीशन वसूल कर शिक्षा को अभिभावकों की पहुंच से दूर करने और उनकी मजबूरी का फायदा उठाने में जरा नहीं हिचकिचाते। अभिभावकों की जेब पर डाले जा रहे इस खुलेआम डाके पर किसी का कोई ध्यान नहीं है खुद भाजपा सरकार और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का भी नहीं।
रिपोर्टर- राजेंद्र अग्रवाल






