गलगोटिया विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर सोसायटी चैप्टर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान

ग्रेटर नोएडा: गलगोटिया विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर सोसायटी छात्र शाखा चैप्टर को कोलकाता में आयोजित प्रतिष्ठित ऑल इंडिया कम्प्यूटर सोसायटी स्टूडेंट एंड यंग प्रोफेशनल्स कांग्रेस 2025 में भारत का सर्वश्रेष्ठ कम्प्यूटर सोसायटी चैप्टर घोषित किया गया। इस आयोजन में देशभर के विभिन्न संस्थानों के छात्र चैप्टरों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के अंतर्गत आयोजित “बैटल ऑफ चैप्टर्स” में गलगोटिया विश्वविद्यालय के चैप्टर ने अपने नवाचारी तकनीकी कार्यक्रमों, सामाजिक सहभागिता और प्रभावी नेतृत्व के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीम को 500 अमेरिकी डॉलर का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि में गलगोटिया विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की एक समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में गौरांग पंत (बीटेक, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), शुभ्रांशु शेखर दास (बीटेक, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग) तथा राशी बाजपेयी (बीएससी कम्प्यूटर साइंस – डेटा साइंस) शामिल रहे। इन विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी कौशल और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
यह उपलब्धि गलगोटिया विश्वविद्यालय में नवाचार, नेतृत्व और शैक्षणिक उत्कृष्टता के उच्च स्तर को भी दर्शाती है। विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को वैश्विक पेशेवर समुदायों से जुड़ने, तकनीकी नेतृत्व विकसित करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है।
उल्लेखनीय है कि गलगोटिया विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर 1201–1400 श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 15वां स्थान तथा सभी भारतीय विश्वविद्यालयों में 43वां स्थान हासिल हुआ है।
इसके अतिरिक्त टाइम्स हायर एजुकेशन विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2025 में गलगोटिया विश्वविद्यालय को भारत के विश्वविद्यालयों में 45वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा वैश्विक स्तर पर 1001–1200 श्रेणी में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय को अपने पहले ही मूल्यांकन चक्र में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा ए+ ग्रेड भी प्रदान किया गया है, जो मात्र 14 वर्षों में हासिल की गई एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।






