डोंगगुक-जीबीयू साझेदारी से भारत-कोरिया बौद्ध अकादमिक सहयोग को नई गति
ग्रेटर नोएडा:कोरिया गणराज्य की डोंगगुक विश्वविद्यालय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) का दौरा किया तथा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दोनों संस्थानों के बीच विद्यमान समझौता ज्ञापन (MoU) की समीक्षा की और शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया, विशेष रूप से बौद्ध अध्ययन एवं संबंधित विषयों में।
इस अवसर पर प्रो. सूनिल ह्वांग, बौद्ध अध्ययन विभाग, डोंगगुक विश्वविद्यालय ने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत के प्रमुख बौद्ध विरासत स्थलों एवं विश्वविद्यालयों के तीर्थ–सह–शैक्षणिक भ्रमण पर है तथा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय इस यात्रा का समापन बिंदु है। उन्होंने डोंगगुक विश्वविद्यालय और जीबीयू के बीच लंबे समय से चले आ रहे अकादमिक संबंधों को रेखांकित किया।
डोंगगुक विश्वविद्यालय के 52 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जीबीयू परिसर का भ्रमण किया और विशेष रूप से ध्यान केंद्र तथा भव्य बुद्ध प्रतिमा का अवलोकन किया, जो भारत और कोरिया के बीच साझा आध्यात्मिक एवं सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है।
प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने मौजूदा MoU के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार, साथ ही छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
वेंरेबल डोनक्वान, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़, डोंगगुक विश्वविद्यालय फाउंडेशन ने जीबीयू में कोरियाई भाषा कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने छात्र विनिमय पहलों तथा विश्वविद्यालय के ध्यान केंद्र में बौद्ध संग्रहालय की स्थापना के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।
दोनों संस्थानों ने पूर्व में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में ज्ञान साझेदार के रूप में सहयोग किया है, भारत एवं विदेशों में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों में सहभागिता की है तथा एशियाई बौद्ध विद्वत्ता को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से एशियन बुद्धिस्ट एसोसिएशन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की कार्ययोजना
MoU की समीक्षा के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:
अन्य अध्ययन विद्यालयों के साथ सहयोग का विस्तार
बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने को सुदृढ़ करना
अनुसंधान हेतु संकाय एवं छात्रों के आदान–प्रदान में वृद्धि
इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. चिंतला वेंकट सिवासाई, निदेशक (अंतरराष्ट्रीय कार्य), गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय तथा प्रो. अरविंद कुमार सिंह, आईसीसीआर चेयर प्रोफेसर (वर्तमान में लुंबिनी में पदस्थ) द्वारा किया गया। बैठक में डॉ. प्रियदर्शिनी मित्रा, डॉ. सी.एस. पासवान, डॉ. ज्ञानादित्य शाक्य, श्री विक्रम सिंह यादव तथा डॉ. इम्तियाज़ क़मर भी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राजीव वर्मा, अधिष्ठाता (शैक्षणिक) एवं अधिष्ठाता, बौद्ध अध्ययन विद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया गया।
यह संवाद कुलपति के बोर्ड कक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्यालयों एवं विभागों के अधिष्ठाता एवं वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।






