गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में एसएफसी वॉलीबॉल लीग 2025–26 का भव्य आयोजन

ग्रेटर नोएडा: युवाओं में खेल भावना, टीमवर्क और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसएफसी वॉलीबॉल लीग 2025–26 (संस्करण प्रथम) का आयोजन 5 एवं 6 फरवरी 2026 को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। यह दो दिवसीय खेल पहल विभिन्न राज्यों से आए युवा खिलाड़ियों को एक साझा मंच प्रदान करेगी।
इस वॉलीबॉल लीग में चेन्नई, बेंगलुरु, नागपुर, नोएडा, लखनऊ, विजयवाड़ा तथा असम से टीमें भाग ले रही हैं, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर आपसी सहयोग, सामुदायिक सहभागिता और खेल के माध्यम से सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
आयोजन का समापन समारोह 6 फरवरी को अपराह्न 3:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों में वॉलीबॉल प्लेयर निर्मल टावर भाटी ( फॉर्मर कैप्टेन इंडियन वॉलीबॉल टीम) , श्री अभिजीत भट्टाचार्य (फॉर्मर कैप्टेन इंडियन वॉलीबॉल टीम) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी I
उल्लेखनीय है कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय एवं एचसीएल के बीच पूर्व से ही एक समझौता ज्ञापन (एम ओ यू ) हस्ताक्षरित है, इसी सहयोग की कड़ी में एसएफसी वॉलीबॉल लीग 2025–26 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
जीबीयू के खेल अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि “एसएफसी वॉलीबॉल लीग 2025–26 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क और सामाजिक समावेशन जैसे मूल्यों को विकसित करने की एक सशक्त पहल है। देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का एक मंच पर एकत्र होना खेल के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय सदैव युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इस प्रकार के आयोजन उन्हें सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित यह लीग निश्चित रूप से खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।”
इस आयोजन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित न होकर युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सहनशीलता तथा सामाजिक समावेशन जैसे मूल्यों को प्रोत्साहित करना है। आयोजन को सफल बनाने में एचसीएल फाउंडेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एसएफसी वॉलीबॉल लीग 2025–26 खेल और समाज के बीच सेतु का कार्य करते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने की एक सराहनीय पहल के रूप में देखी जा रही है।







