शारदा विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन

ग्रेटर नोएडा : शारदा विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर फाइटोकेमिकल रिसर्च “रिसेंट एडवांसेज इन फाइटोकैमिकल रिसर्च फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (RAPRSD- 2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य फाइटोकेमिकल अनुसंधान में नवीनतम विकास, औषधीय पौधों के महत्व, जैव सक्रिय यौगिकों के उपयोग तथा सतत विकास में उनकी भूमिका पर चर्चा करना था। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं व शिक्षाविदों ने भाग लेकर ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा दिया। उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ रामेश्वर अधिकारी, विशिष्ट अतिथि डॉ जगबीर सिंह तथा डीन रिसर्च डॉ भुवनेश कुमार द्वारा किया गया।
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें औषधीय पौधों से प्राप्त जैव सक्रिय यौगिकों, उनके औषधीय व औद्योगिक उपयोग, प्राकृतिक उत्पादों की भूमिका तथा आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों पर चर्चा की गई। साथ ही शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
डॉ रामेश्वर अधिकारी नेपाल के त्रिभुवन विश्विद्यालय के प्रोफेसर एवं हेड ने कहा, “आज के समय में प्रकृति आधारित अनुसंधान केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। फाइटोकेमिकल्स हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे सम्मेलन ज्ञान को साझा करने का बेहतरीन मंच देते हैं। इससे युवा शोधकर्ताओं को नई सोच और दिशा मिलती है।”
विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च डॉ भुवनेश कुमार ने कहा, “जब अलग-अलग देशों के विशेषज्ञ एक साथ आते हैं तो नए विचार जन्म लेते हैं। यह मंच अनुभव और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। सहयोग से ही शोध को असली गति मिलती है। और यही प्रयास हमें सतत विकास के लक्ष्य के करीब ले जाते हैं।”
इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन डॉ शशांक शर्मा द्वारा किया गया। इस मौके पर डॉ जगबीर सिंह, डॉ दिमास राहदीन अजी मोहम्मद, डॉ ज़ुखफुज़ ज़मान, डॉ नक्षत्र बहादुर सिंह, डॉ मोहित साहनी, डॉ सौम्य पंडित, डॉ वंदना सिंह, डॉ सयन्ति मंडल, डॉ कविता भाटी, डॉ आशीष चलाना, शिवानी साथ ही सभी विभागों के डीन, हेड, फैकल्टी मेंबर, स्टाफ, स्टूडेंट आदि मौजूद रहे।






