गणतंत्र दिवस पर हिंदू जनजागृति मंच, खांबी (हरियाणा) द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

खांबी (हरियाणा) भारत के 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के पावन अवसर पर हिंदू जनजागृति मंच, खांबी के तत्वावधान में राष्ट्रभक्ति, शौर्य और बलिदान की भावना से ओत-प्रोत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा तथा वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञ श्रद्धा का सशक्त प्रतीक बना।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के सभी सदस्यों द्वारा शहीदी स्थल पर पहुंचकर किया गया, जहाँ विधिवत तिरंगा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर अमर शहीद युधिष्ठिर को पुष्पांजलि अर्पित कर, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। शहीद के चरणों में नमन करते हुए राष्ट्ररक्षा हेतु उनके सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया गया तथा प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम की पवित्रता को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
इसके पश्चात मढ़ी मंदिर से भव्य तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ। हाथों में लहराते तिरंगे, राष्ट्रगान और देशभक्ति नारों के बीच यह यात्रा मढ़ी मंदिर, बस स्टैंड, राम मंदिर, होली चौक, मथुरादास मंदिर, बी. वी. एन. स्कूल होते हुए पुनः मढ़ी मंदिर पर आकर संपन्न हुई। नगरवासियों ने पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ यात्रा का स्वागत कर देशप्रेम की भावना को प्रकट किया।
इस गरिमामयी आयोजन में बिशन, मोहन श्याम, मोहित मनोहर, लालचंद, सागर, संजय प्रजापति, राजेश, ताराचंद, गुरुदत्त, शिव, अनिल, पवन, धर्मेंद्र, मोनू, कुलदीप, जोगेंद्र राठौर, खेमचंद, पुनीत, रोहताश गोला, विनीत, रवि, रिंकू, सुनील सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं दया किशन, हैप्पी, दुष्यंत, मोनू, दिनेश तथा बी. वी. एन. स्कूल के एनसीसी के विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा के अग्रिम मोर्चे पर रहकर अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
मीडिया प्रभारी भगवत प्रसाद शर्मा मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कार्यक्रम के अंत में मंच की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि भारत की स्वतंत्रता और गणतंत्र की नींव वीर शहीदों के रक्त और बलिदान से सुदृढ़ हुई है। उनका यह त्याग युगों-युगों तक हमें राष्ट्रहित में कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता रहेगा। हिंदू जनजागृति मंच ने संकल्प व्यक्त किया कि राष्ट्र, संस्कृति और शहीदों के सम्मान हेतु ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।
भगवत प्रसाद शर्मा ने आगे कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में विशेष झाँकियाँ: भारत की जीवंत आत्मा का उत्सव थीं।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित दिल्ली की भव्य परेड में प्रस्तुत विशेष झाँकियाँ भारत की विविधता, संस्कृति और प्रगति की सजीव झलक बनकर उभरीं। ये झाँकियाँ केवल रंग-बिरंगे दृश्य नहीं थीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी परंपराओं और आधुनिक उपलब्धियों की कलात्मक अभिव्यक्ति थीं। हर झाँकी अपने भीतर एक कहानी समेटे हुए थी—कभी अतीत की गौरवशाली विरासत की, तो कभी भविष्य की उज्ज्वल संभावनाओं की।
इस वर्ष की झाँकियों में “विकसित भारत” की संकल्पना प्रमुख रूप से दिखाई दी। कहीं आत्मनिर्भर भारत की झलक थी, तो कहीं विज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से देश की तेज़ी से होती प्रगति का प्रदर्शन। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति, हरित ऊर्जा और अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियाँ सजीव रूप में दर्शकों के सामने आईं, जिसने युवाओं में विशेष उत्साह भर दिया।







