हिन्दी मात्र संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि संस्कृति की संवाहक है – डॉ. माधव गोविन्द

ग्रेटर नोएडा: भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह के संरक्षण में तथा भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के विभागाध्यक्ष एवं मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता के नेतृत्व में प्रवासी हिन्दी साहित्य पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया से प्रवासी साहित्यकार रेखा राजवंशी तथा डेनमार्क से अर्चना पैण्यूली वक्ता रहीं । प्रवासी साहित्यकार रेखा राजवंशी ने ‘ऑस्ट्रेलिया में हिन्दी भाषा एवं साहित्य’ विषय पर व्याख्यान देते हुए ऑस्ट्रेलिया में हिन्दी के अध्यापन में आने वाली चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किया । प्रवासी साहित्यकार डेनमार्क से साहित्यकार अर्चना पैण्यूली ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं । उन्होंने ‘प्रवासी हिन्दी साहित्य एवं डेनमार्क में हिन्दी की स्थिति’ विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रवासी साहित्य पर विस्तार से चर्चा किया तथा उन्होंने कहा, “प्रवासी साहित्य हिन्दी का वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है । गिरमिटिया मजदूरों से लेकर अब तक के साहित्य में काफी अंतर आया है, जो हमारी सोच एवं बौद्धिकता को प्रदर्शित करता है तथा अपने देश की संस्कृति के साथ साथ विदेशी संस्कृति को भी प्रस्तुत करता है । इस तरह से साहित्य में नया बदलाव आ रहा है ।“
भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग के विभागाध्यक्ष एवं मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता ने सभा को संबोधित किया कि हिन्दी मात्र संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि संस्कृति की संवाहक है । हिन्दी भारत से होकर विदेशी की धरती पर फल फूल रही है । हिन्दी के प्रचार प्रसार में रेखा राजवंशी तथा अर्चना पैण्यूली जी का अभूतपूर्व योगदान है कि निरंतर हिन्दी की सेवा से जुड़े हैं ।”
इस कार्यक्रम की संयोजक भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग की प्राध्यापिका डॉ. रेनू यादव तथा आयोजक मंडल में विभाग के प्राध्यापकगण डॉ. दिवाकर गरवा, डॉ. ओबैदुल गफ्फार, डॉ. विभावरी, डॉ. मोहम्मद आसिफ, डॉ. रेहाना सुल्ताना, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. अपर्णा, श्रीमती संगीता रहीं । कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी विवेक कुमार ने किया ।
इस अवसर पर मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण प्रो. बंदना पाण्डेय, डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. श्रुति कँवर, डॉ. ममता रानी, डॉ. राहुल कपूर, डॉ. बिपाशा सोम, डॉ. मंजरी, डॉ. गीतेश, डॉ. रोहित सहित बड़ीं संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहें ।







