दिल्ली एनसीआर

इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा मेला पूरे जोश में

प्रदर्शक–खरीदार बैठकों, 2027 के लिए ‘डिज़ाइन स्टोरीज़’ और प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन, कम्युनिकेशन एवं कम्प्लायंस पर सेमिनारों ने प्रतिभागियों को व्यस्त रखा

ईपीसीएच – एक्सपो बाज़ार – टीआईसीए: रणनीतिक सहयोग पर उद्योग हितधारकों एवं निर्यातकों का विशेष सत्र—ईयू और यूएसए में भारतीय हस्तशिल्प के लिए भविष्य-उन्मुख निर्यात संरचना पर चर्चा

दिल्ली/एनसीआर : एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) द्वारा 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में अच्छे खरीदार आवागमन के साथ पूरे जोश में है । हॉल्स में 3000 से अधिक प्रदर्शक, 900 स्थायी शोरूम, थीम प्रेज़ेंटेशन्स और अनेक सहायक व्यवस्थाएँ मिलकर इस आयोजन को एक व्यापक और प्रभावी सोर्सिंग प्लेटफॉर्म बनाती हैं

आज ईपीसीएच ने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में निर्यातकों और उद्योग हितधारकों को एक विशेष प्रस्तुति के लिए एकत्र किया, जिसका केंद्र ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार–टीआईसीए सहयोग रहा । इस सहयोग का उद्देश्य वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और जस्ट-इन-टाइम डिलीवरी मॉडल के माध्यम से यूरोपीय बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है । बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय उत्पादों को ईयू में अधिक मजबूत पकड़ दिलाने के तरीकों को समझा, जो निर्यातकों और वैश्विक खरीदारों को सहज रूप से जोड़ता है । भारत–ईयू व्यापार ढांचे में हो रहे विकास और टैरिफ रैशनलाइज़ेशन की गति को देखते हुए, इस पहल का समय रणनीतिक रूप से अत्यंत उपयुक्त है, जिससे व्यापक (मैक्रो) व्यापार लाभों को भारतीय निर्यातकों के लिए ठोस राजस्व वृद्धि में बदला जा सके ।

डॉ. नीरज खन्ना, चेयरमैन, ईपीसीएच ने इस महत्वपूर्ण व्यवसायिक अवसर का स्वागत करते हुए कहा, “हाल ही में बेनेलक्स क्षेत्र में टीआईसीए के व्यवसाय के आकार और विस्तार को हमारे प्रतिनिधिमंडल दौरे के दौरान देखने-समझने के बाद, मैं चाहता हूँ कि हमारे अधिक से अधिक सदस्य निर्यातक ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार–टीआईसीए साझेदारी से लाभान्वित हों । यह सहयोग भारतीय हस्तशिल्प के लिए एक भविष्य-उन्मुख निर्यात संरचना का प्रतिनिधित्व करता है और यह निर्यातकों के लिए प्रत्यक्ष वैश्विक पहुँच तथा बेहतर मूल्य प्राप्ति सक्षम करने के ईपीसीएच के दृष्टिकोण के साथ दृढ़ता से संरेखित है ।”

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने निर्यातकों और खरीदारों को समझाया कि टीआईसीए के दो अलग-अलग बिज़नेस मॉडल ‘कैश-एंड-कैरी’ और ‘प्रोजेक्ट’ कैसे काम करते हैं । उन्होंने खरीदारों के बदलते स्वभाव और जरूरतों, विशेषकर कोविड के बाद, पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लीड टाइम घटाने और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए ऐसे मॉडल विकसित हुए । डॉ. कुमार ने आगे कहा कि ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार इस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सबसे अधिक कम्प्लायंट और नवीनतम उत्पादों को उच्चतम बिक्री आकर्षण के साथ प्रस्तुत करता है ।

श्री सागर मेहता, उपाध्यक्ष, ईपीसीसीएच ने कहा, “टीआईसीए का प्रतिनिधिमंडल आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 में उपस्थित है ताकि चुने हुए भारतीय निर्माताओं को दीर्घकालिक आधार पर अपने यूरोपीय प्लेटफॉर्म में शामिल (ऑनबोर्ड) किया जा सके । फोकस रणनीतिक वेंडर ऑनबोर्डिंग और प्लेटफॉर्म साझेदारी पर है—सिर्फ लेन-देन आधारित खरीद पर नहीं । चयनित सप्लायर्स को नीदरलैंड्स और बेल्जियम में टीआईसीए के कैश-एंड-कैरी सेंटर्स तक पहुँच मिलेगी, जिससे उन्हें प्रति वर्ष हजारों पेशेवर यूरोपीय बी2बी खरीदारों के बीच प्रत्यक्ष दृश्यता प्राप्त होगी ।”

श्री रोजियर यूवेल, सीईओ एवं सह-मालिक, टीआईसीए ने टीआईसीए के बिज़नेस मॉडल, उसकी यात्रा, दृष्टि और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी । उन्होंने कहा, “बेनेलक्स में सबसे बड़ी कैश-एंड-कैरी चेन बनने में टीआईसीए की सफलता का आधार यह है कि हम अपने 45,000 सदस्यों को विविधता और गुणवत्ता के साथ सेवा देते हैं। इसलिए ऐसे उत्पाद और ब्रांड चुनना जो अलग दिखें और हमारे सदस्यों (बी2बी खरीदारों) के लिए अधिक प्रासंगिक हों, अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

श्री जितिन प्रशर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, एक्सपो बाज़ार ने एक्सपो बाज़ार के विकास, संचालन और अमेरिका, ईयू व यूके में इसकी पहुँच पर प्रकाश डाला । उन्होंने लास्ट माइल डिलीवरी को प्रभावी बनाने के लिए अपनाए जा रहे मल्टी-मोड डिलीवरी विकल्पों जिसमें ड्रॉप शिपमेंट भी शामिल है के बारे में भी बताया।

श्री मोहित चोपड़ा, प्रेसिडेंट, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 रिसेप्शन कमेटी ने कहा, “हम मेले के दिनों में व्यस्तता देख रहे हैं, जहां दुनिया के लगभग हर हिस्से से खरीदार आईएचजीएफ दिल्ली मेले में उमड़ रहे हैं । वे अब गर्म होने लगे दिल्ली/एनसीआर के मौसम, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट की सुविधाओं, मेले की विविधता का आनंद ले रहे हैं और सहजता से व्यापार कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में हमने होम डेकोर, फर्नीचर, गिफ्ट आइटम्स, फैशन एक्सेसरीज़ और फेस्टिव असॉर्टमेंट्स की ओर विशेष झुकाव देखा है ।”

ऑस्ट्रेलिया से एंड्रयू नॉक्स, जो होटल एवं बड़े कमर्शियल स्पेसेज़ के लिए इंटीरियर डिज़ाइन, फर्नीचर और डेकोर सॉल्यूशन्स में विशेषज्ञ व्यवसाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, यहां ऐसे विशिष्ट एवं टिकाऊ उत्पाद सोर्स करने आए हैं जो डिज़ाइन में एकरूपता और कार्यात्मकता का संतुलन रखते हों । पहली बार आईएचजीएफ दिल्ली मेला देखने पर उन्होंने इसे सुव्यवस्थित और ताजगीभरा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि कीमत की तुलना में कारीगरी, फिनिशिंग और दीर्घकालिक उपयोगिता अधिक प्राथमिकता है, और मेले में उत्पादों की विविधता व डिटेलिंग भविष्य के सहयोग के लिए उत्साहजनक है । फ्रांस की मैक्सिम विबर्ट लक्ज़री और आर्टिसनल उत्पाद सोर्स करती हैं, जिसमें ब्रॉन्ज़ मेटल आइटम्स भी शामिल हैं जो 100% भारत में निर्मित हैं । भारतीय उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, बेहतरीन कारीगरी और प्रतिस्पर्धी मूल्य से प्रभावित होकर वे भारत के सप्लायर्स के साथ निकटता से काम करती हैं । बेल्जियम के फर्नीचर खरीदार पैट्रिक, जो पिछले दस वर्षों से आईएचजीएफ दिल्ली मेले में नियमित रूप से आते रहे हैं, ने बताया कि मेले की व्यापक विविधता उन्हें हर बार नए विकल्प खोजने के लिए प्रेरित करती है। जापान की मोमोको, जो रॉक प्रोडक्ट्स, लाइटिंग और कटलरी में कार्यरत हैं, ने अपनी पिछली यात्रा की तुलना में उत्पादों और व्यावसायिक अवसंरचना में उल्लेखनीय सुधार की बात कही ।

श्री गौतम नथानी, उपाध्यक्ष, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 ने बताया कि ज्ञान सत्रों की श्रृंखला के अंतर्गत आज दो सेमिनार आयोजित हुए। ‘डिज़ाइन फ्यूचर्स 2027 – स्प्रिंग समर ट्रेंड्स एवं ऑटम विंटर इनसाइट्स’ में सस्टेनेबिलिटी और नवाचार के बीच विकसित होते संबंधों की पड़ताल की गई, जो एस/एस 2027 और ए/डब्ल्यू 2027 के वैश्विक ट्रेंड दिशा-निर्देशों के अनुरूप है जिसमें फॉरवर्ड-लुकिंग मटेरियल ट्रेंड्स, इको-कॉन्शस एस्थेटिक्स का बढ़ता प्रभाव और आधुनिक आर्टिसनल तकनीकों का एकीकरण शामिल रहा ।

श्री आनंद जलान, उपाध्यक्ष, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 ने कहा, “अगला सेमिनार ‘व्हाट बायर्स वांट – प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन, कम्युनिकेशन एवं कम्प्लायंस में प्रमुख अपेक्षाएँ’ भारतीय हस्तशिल्प सप्लायर्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच के अंतर को पाटने के उद्देश्य से आयोजित किया गया । इसमें तीन प्रमुख आयामों प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन स्टैंडर्ड्स, प्रभावी संचार प्रोटोकॉल और कम्प्लायंस फ्रेमवर्क पर खरीदार अपेक्षाओं को स्पष्ट किया गया । प्रतिभागियों को यह समझ मिली कि पेशेवर प्रस्तुति, रणनीतिक संचार और वैश्विक कम्प्लायंस आवश्यकताओं का पालन किस प्रकार खरीदार विश्वास, ऑर्डर कन्वर्ज़न दर और दीर्घकालिक साझेदारी की स्थिरता को सीधे प्रभावित करता है ।”

श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “इस मॉडल के माध्यम से हम केवल बड़े खरीदारों ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम आकार की रिटेल चेन्स को भी सेवा दे रहे हैं, जो कम मात्रा में परंतु अधिक बार ऑर्डर देती हैं। इससे विस्तारित स्टोरेज, तेज़ शिपमेंट और बेहतर बाजार पहुँच संभव होती है। यह पहल छोटे और युवा उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर है, जो नवाचार के प्रति अधिक खुले हैं और इस उभरते, टेक-ड्रिवन निर्यात इकोसिस्टम का लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह तैयार हैं। शो के दौरान, ईपीसीएच ने वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रतिनियुक्त कारीगरों और बुनकरों के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया, ताकि उन्हें निर्यात प्रक्रियाओं तथा भारत एवं विदेशों में व्यापार मेलों में भागीदारी के बारे में परिचित कराया जा सके ।”

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में विदेशों में भारत की छवि और होम, लाइफस्टाइल, टेक्स्टाइल, फर्नीचर और फैशन जूलरी ऐंड एक्सेसरीज प्रॉडक्ट के उत्पादन में लगे क्राफ्ट क्लस्टर के लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड इमेज बनाने के लिए जिम्मेदार एक नोडल संस्थान है। इस अवसर पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन डॉलर) रहा ।

 

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