भारतीय भाषा उत्सव 2025 कार्यक्रम दनकौर डाइट में मनाया गया बड़े हर्ष और उल्लास के साथ
विचारों, भाव और हृदय की गहराइयों को अभिव्यक्त करने का भाषा एक सशक्त माध्यम - प्राचार्य राज सिंह यादव

दनकौर:भारतीय भाषा उत्सव 2025 कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर भाषाओं पर आधारित कविता एवं संगीत विषय पर कार्यक्रम को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप शिक्षा निदेशक श्री राज सिंह यादव द्वारा तथा सह अध्यक्षता सहायक शिक्षा निदेशक अर्चना गुप्ता मैडम द्वारा की गई।

डीएलएड वर्ष 2024 -26 के प्रशिक्षकों ने विभिन्न भाषाओं में कविता पाठ किया स्थानीय भाषाओं पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत किया। कविताओं में हास्य, व्यंग, वात्सल्य, शौर्य, भावभंगिमा तथा भावविभोर करने वाली कविताओं को प्रस्तुत किया गया। जया, पिंकी, अनु, अनुष्का, राधे श्याम, आकाश, ईशा अंतिमा और मीनू उपस्थित रहे। 
डाइट के संग का सदस्यों ने भी संस्कृत, ब्रजभाषा, तेलुगू, पंजाबी,हिंदी ,अंग्रेजी, अवधि और भोजपुरी भाषा में अपने गीत, लोकगीत और कविताएं प्रस्तुत की।उप प्राचार्य मैडम ने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बताया की भाषा एक अमूल्य धरोहर है और हमें बहुभाषी होना चाहिए। भाषा संस्कृति, विरासत और जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रत्येक क्षेत्र में प्रदर्शित करती है। बोलियां तथा भाषा आपके कार्यक्षेत्र और जन समुदाय से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
प्राचार्य राज सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि विचारों, भाव और हृदय की गहराइयों को अभिव्यक्त करने का भाषा एक सशक्त माध्यम है। आप भाषा से मार्मिक चित्र ओके सकते हैं तथा प्रभावी तरीके से लोगों से संवाद स्थापित कर सकते हैं एक शिक्षक के लिए भाषा के समस्त पहनो को जानना परम आवश्यक होता है तथा कविताओं और जीत के माध्यम से शिक्षक को और ज्यादा रुचि कर

बनाया जा सकता है यह विविधता में एकता का संदेश देती है जिसको व्यापक रूप से ग्रहण करना चाहिए। यह बात *हिंद देश के निवासी सब जन एक हैं, रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक हैं* को प्रदर्शित एवं प्रमाणित करती है।
कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम नोडल श्री भूपेंद्र सिंह ने किया तथा श्री राजेश खन्ना, डॉ रेनू , श्रीमती सुमित, श्री नियाज़ वारिश, श्री वेद प्रकाश निधि त्यागी मैडम, रीना भारतीय मैडम, श्री संदीप कुमार, श्री धनराज सिंह और ज्योति मैडम उपस्थित रही।







