गलगोटिया विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के प्रोफेसर का व्याख्यान, उच्च शिक्षा के भविष्य पर वैश्विक संवाद

ग्रेटर नोएडा: गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया, जिसमें यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया (UBC) के प्रोफेसर ने मुख्य वक्तव्य दिया। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले तीन वर्षों में उच्च शिक्षा में जेनरेटिव एआई की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला। इस सत्र में तेजी से बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में शिक्षण, सीखने और संस्थागत बदलाव के उभरते रुझानों पर चर्चा की गई।
अपने वक्तव्य में प्रोफेसर ने बताया कि एआई क्षमताओं में हो रही प्रगति किस प्रकार शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब शिक्षण विधियों में भी समानांतर बदलाव किया जाए। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालयों को तकनीक-प्रधान युग में अपनी भूमिका को फिर से तय करने तथा फैकल्टी विकास और क्षमता निर्माण में निवेश करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन तकनीकों का जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण प्रोफेसर का विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा, जिसमें उन्होंने शिक्षा में उभरती तकनीकों के जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग पर सार्थक चर्चा की। इस दौरान छात्रों ने भी नैतिक पहलुओं, व्यावहारिक उपयोग और बदलते सीखने के तरीके पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर चयनित छात्र टीमों ने अपने एआई-आधारित प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन भी किया। इन प्रस्तुतियों में उन्नत तकनीकी समाधानों के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए, जो विश्वविद्यालय में रचनात्मकता, शोध-आधारित सीखने और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।






