लिटिल इंजन्स प्री स्कूल एंड डे केयर’ का वार्षिकोत्सव भव्यता के साथ संपन्न
नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने रचा सांस्कृतिक समन्वय का स्वर्णिम अध्याय

ग्रेटर नोएडा:लिटिल इंजन्स प्री स्कूल एंड डे केयर’ द्वारा “रिद्मऑफ भारत: नन्हे कदम, त्योहारों के संग” विषय पर आधारित वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन मिलेनियम स्कूल के सुसज्जित सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अभिभावकों, अतिथियों, संरक्षकों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे सम्पूर्ण वातावरण उत्साह एवं उल्लास से अनुप्राणित हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः लगभग 10:30 बजे विद्यालय की निदेशिका श्रीमती अंजू कोहली तथा विशिष्ट अतिथिगण श्री संजय कोहली, श्री नवीन अरोड़ा, श्रीमती सीमा अरोड़ा एवं श्री भगवत शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीपशिखा की पावन ज्योति ने समूचे समारोह को मंगलमय आभा प्रदान की।
निदेशिका श्रीमती अंजू कोहली ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत करते हुए प्रभावपूर्ण स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने संस्थान की स्थापना-यात्रा का विस्तृत उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार विद्यालय ने विविध प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ एवं सम्मान अर्जित किए हैं तथा अभिभावकों के विश्वास और सहयोग से निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा है। उन्होंने वार्षिकोत्सव की परंपरा के आरम्भ और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और सृजनशीलता की मुक्तकंठ से सराहना की तथा अभिभावकों के अटूट विश्वास के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम वास्तव में दर्शनीय एवं मनोहारी रहा। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने भारत के विविध पर्वों एवं सांस्कृतिक परम्पराओं को नृत्य, गीत एवं अभिनव प्रस्तुतियों के माध्यम से सजीव रूप में मंचित किया। उनकी निष्कलुष अभिव्यक्ति, उत्साहपूर्ण ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय का हृदय स्पंदित कर दिया तथा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा।
समारोह का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में उपस्थित सभी जनों ने ‘जय हिन्द’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ राष्ट्र भावना का सप्रेम प्रकटीकरण किया।
कार्य क्रमोपरांत विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के लिए सुस्वादु मध्यान्ह-भोज की व्यवस्था की गई। समग्रतः यह वार्षिकोत्सव न केवल सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बना, अपितु उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियाँ एवं मधुर अनुभूतियाँ अंकित कर गया।







