एक दशक से प्राइवेट स्कूल व अस्पतालों में स्थानीय किसानों को नहीं मिला लाभ

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा शहर को बसाने हेतु शिक्षण संस्थानों एवं अस्पतालों को सस्ते दामों पर प्लॉट दिए गए थे जिसके एवज में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उनकी लीज डीड में यह शर्त रखी की आपको स्थानीय किसानों एवं उनके बच्चों को शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में लीज डीड की शर्त के अनुसार छूट देनी होगी। लेकिन पिछले लंबे समय से प्राइवेट अस्पताल वह स्कूल स्थानीय किसानों के साथ शिक्षा व चिकित्सा के नाम पर लूट कर रहे हैं। रिलीज डेट के अनुसार सुविधा देने की मांग को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता धर्मेंद्र भाटी के नेतृत्व में ओएसडी अभिषेक पाठक को ज्ञापन सौंपा।
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि लीज डीड में यह शर्त है कि जिन जिन स्कूलों को इस प्रकार के सस्ते प्लाट दिए गए हैं वह सभी किसानों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 25% माफी देंगे एवं अन्य कोई भी चार्ज नहीं लिया जाएगा। वहीं इन अस्पतालों की लीज डीड में भी यह शर्त है कि स्थानीय किसानों को 2 घंटे सुबह 2 घंटे शाम अनुभवी चिकित्सक के द्वारा ओपीडी फ्री रखी जाएगी। किसानों के इलाज के दौरान अस्पताल में भर्ती होने पर 40% की छूट दी जाएगी। गांवों के गरीब ग्रामीणों के लिए प्रत्येक अस्पताल में 10% निशुल्क बेड आरक्षित होंगे। जिनका पूर्ण इलाज फ्री होगा। वहीं शहर में रह रहे गरीब लोगों का 50% इलाज में छूट मिलेगी। लेकिन आज तक महोदय किसी भी अस्पताल ने यह छूट नहीं दी है। यह नियम लगभग 10 वर्ष से अधिकारियों की लापरवाही के कारण लागू नहीं हो पाया है। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि तत्काल प्रभाव से लीज डीड के अनुसार स्कूल और अस्पतालों में स्थानीय किसानों को मिलने वाले लाभ को दिलाया जाए। अन्यथा करप्शन फ्री इंडिया संगठन इस समस्या के समाधान हेतु बड़ा आंदोलन करेगा।







