श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलिज में एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का हुआ सफल आयोजन

दनकौर:आज श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलिज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में Central Institute of Education Technology (CIET, NCERT) , नई दिल्ली एवं महाविद्यालय के IQAC एवं शिक्षा विभाग के तत्वाधान में “ICT and Emerging Technology for Teacher” Teacher Educators and pupil Teacher Education Institute” विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो. शिरीष पाल सिंह (प्रोग्राम को ऑर्डिनेटर, (CIET & NCERT) डॉ0 उपासना राय (PRD, CIET, & NCERT), डॉ0 प्रवीण बी. बिंझा (DICT & T), डॉ0 प्रीति शर्मा सीनियर एकैडमिक Consultant डॉ0 रैजुएल, डॉ0 रुचि द्विवेदी (CIET & NCERT) एवं प्रो0 गौरव सिंह (CIET & NCERT) के साथ विशिष्ट अतिथि रजनीकांत अग्रवाल (सचिव), डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य) तथा डॉ0 रश्मि गुप्ता (उपप्राचार्या) द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
अतिथि वक्ताओं का स्वागत सचिव रजनीकांत अग्रवाल, प्राचार्य डॉ0 गिरीश कुमार वत्स एवं उपप्राचार्या डॉ0 रश्मि गुप्ता द्वारा शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक किया गया।
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के अंतर्गत कुल छह सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें (FDP) का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 गिरीश कुमार वत्स जी ने महाविद्यालय का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करते हुए उसकी शैक्षिक गतिविधियों, उपलब्धियों एवं भावी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात प्रोफेसर शिरीष पाल सिंह, प्रोग्राम को ऑर्डिनेटर, सी.आई.ई.टी., एनसीईआरटी, नई दिल्ली ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य स्पष्ट करते हुए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की उपयोगिता और प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रथम शैक्षणिक सत्र में प्रोफेसर शिरीष पाल सिंह द्वारा “Digital Initiative” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल पहलों, ई-संसाधनों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तथा तकनीकी माध्यमों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। द्वितीय सत्र में डॉ0 उपासना राय ने “जादुई पिटारा” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने इस शैक्षिक सामग्री की उपयोगिता, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इसकी भूमिका तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों में इसके महत्व को स्पष्ट किया। तृतीय सत्र में डॉ. प्रवीण बिंझा द्वारा “Immersive Technology: AR/VR/ Virtual Lab ” विषय पर व्याख्यान दिया गया। चतुर्थ सत्र में डॉ0 प्रीति शर्मा, सीनियर अकैडमिक कंसल्टेंट द्वारा “DIKSHA एवं HANDS & – ON” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। पंचम सत्र में डॉ0 रुचि द्विवेदी द्वारा “ICT Tools and Techniques for Assessment” विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में आईसीटी उपकरणों एवं तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। षष्ठ सत्र में प्रोफेसर गौरव सिंह द्वारा “Instructional Design for E-Content Development” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ0 रश्मि गुप्ता (उपप्राचार्या) द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में विभिन्न संकायों के शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों में प्रमुख रूप से डॉ0 देवानन्द सिंह (कला संकाय), अमित नागर (विभागाध्यक्ष, विज्ञान संकाय), डॉ0 प्रीति रानी सेन (वाणिज्य संकाय), डॉ0 रश्मि जहाँ ( विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय ), श्रीमती शशी नागर (बी.बी.ए./बी.सी.ए.), डॉ0 शिखा रानी, डॉ0 कोकिल, डॉ0 प्रशांत कन्नौजिया, डॉ0 संगीता रावल, डॉ0 अज़मत आरा, डॉ0 नाज़ परवीन, डॉ0 सूर्यप्रकाश, श्रीमती प्रीति शर्मा, डॉ0 राजीव (पिन्टू), डॉ0 रेशा, महींपाल सिंह, कु0 चारू सिंह, कु0 काजल कपासिया, श्रीमती सुनीता शर्मा, डॉ0 नीतू सिंह, श्री इन्द्रजीत सिंह, श्रीमती हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, श्री प्रिंस त्यागी एवं कु0 नगमा सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में कार्यालय स्टाफ अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, बिजेन्द्र सिंह, रामकिशन सिंह तथा पुस्तकालय स्टाफ विनीत कुमार, अंकित कुमार एवं राकेश कुमार का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों रामकुमार शर्मा, रनवीर सिंह, मीनू सिंह, बिल्लू, ज्ञानप्रकाश कश्यप, विनोद कुमार, अशोक कुमार, मोती कुमार, धनेश कुमार एवं श्रीमती कमलेश का सहयोग सराहनीय रहा कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तथा उभरती तकनीकों के प्रभाव, उपयोगिता और नवाचारों पर विस्तृत प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।







