बिना दहेज विवाह कर समाज के लिए प्रस्तुत की मिसाल

ग्रेटर नोएडा:धीरे-धीरे ही सही, समाज में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। दहेज प्रथा जैसी कुरीति के बीच कुछ परिवार ऐसे भी सामने आ रहे हैं जो बिना दहेज विवाह कर नई सोच और आदर्श स्थापित कर रहे हैं

इसी क्रम में 21 फरवरी को रिवाड़ी में तुगलकाबाद गांव निवासी श्री राजकुमार बिधूड़ी के सुपुत्र उमंग का विवाह रिवाड़ी गांव निवासी स्वर्गीय श्री देवी सिंह की पुत्री कनक के साथ सादगीपूर्ण एवं बिना दहेज संपन्न हुआ। विवाह में वर पक्ष द्वारा सभी रस्में—चिट्ठी, लग्न एवं कन्यादान—सिर्फ 101 रुपये में निभाई गईं। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार का दहेज या सामान स्वीकार नहीं किया गया।
दोनों नवविवाहित शिक्षित हैं और परिवार ने स्पष्ट संदेश दिया कि विवाह आपसी सहमति, संस्कार और सम्मान का संबंध है, न कि लेन-देन का माध्यम।
जहां समाज में दहेज प्रथा का प्रचलन अभी भी व्यापक है, वहीं श्री राजकुमार बिधूड़ी और उनके परिवार ने बिना दहेज विवाह कर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।
समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने इस कदम की प्रशंसा करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया है।
नवदंपति के उज्ज्वल और सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाएं।







