शारदा विश्वविद्यालय ने ट्रांसफॉर्मेशनल टीचर अवार्ड 2026 के 7वें संस्करण का किया आयोजन

ग्रेटर नोएडा:नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय ने सात वें ट्रांस्फोर्मेशनल टीचर अवार्ड समारोह में देश भर से लगभग 150 शिक्षकों को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।शिक्षकों को भारत भर के छात्रों द्वारा उनके शैक्षणिक या व्यक्तिगत जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए नामित किया गया । अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा प्रिंसिपलों को भी इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंडिया हैबिटैट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के. जी. सुरेश का विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता व एडमिशन डायरेक्टर डॉ राजीव गुप्ता ने मोमेंटो देकर उनका स्वागत किया।
विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता ने कहा कि शिक्षक हमारे जीवन में करियर और व्यवसाय में सफल होने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक अच्छा शिक्षक हमें समाज में एक अच्छा इंसान और देश का एक अच्छा नागरिक बनने में मदद करता है। लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे होते हैं जो छात्रों के मन पर इतनी गहरी छाप छोड़ते हैं कि उन्हें हमेशा याद रखा जाता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के फीडबैक के लिए सभी बोर्ड को पोर्टल बनाना चाहिए जिसमें छात्र अपनी राय दे सके। सभी में अलग-अलग हुनर होता है। शिक्षक को उसे तलाशना होगा उस क्षेत्र में ले जाना होगा जिससे वो सफल हो जाए।
कार्यक्रम में इंडिया हैबिटैट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के. जी. सुरेश ने कहा कि “एक सच्चे परिवर्तनकारी शिक्षक वह होते हैं जो समझते हैं कि शिक्षा केवल पढ़ाई और अंकों तक सीमित नहीं है। आज के समय में बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के बीच, शिक्षक छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और जीवन के उद्देश्य को समझने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। सुरक्षित, संवेदनशील और सभी को साथ लेकर चलने वाला सीखने का माहौल बनाकर शिक्षक न केवल सफल पेशेवरों को, बल्कि संतुलित और संवेदनशील इंसानों को भी तैयार करते हैं। ट्रांसफॉर्मेशनल टीचर अवार्ड जैसे प्रयास ऐसे शिक्षकों के समग्र योगदान को पहचान देने के लिए बेहद जरूरी हैं।”
विश्वविद्यालय के एडमिशन डायरेक्टर डॉ राजीव गुप्ता ने कहा कि यह अवार्ड उन शिक्षकों को सम्मानित करता है।जिन्होंने अपनी कक्षाओं से गुजरने वाले छात्रों पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने अपने शिल्प के प्रति समर्पण और शिक्षक के रूप में अपनी क्षमताओं के माध्यम से अपने छात्रों के जीवन और कलात्मक पथ को आकार दिया है।
इस दौरान विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा, डायरेक्टर पीआर डॉ अजीत कुमार,डॉ हरिशंकर श्याम, रीमा, अलोक अहतेश्याम समेत डीन और एचओडी मौजूद रहे।







