हरियाणा

ब्रजभूमि की पुण्यधरा ग्राम खाम्बी में अनुपम श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उल्लास के मध्य सम्पन्न हुआ श्री हनुमान जन्मोत्सव

खाम्बी(हरियाणा)ब्रज की पावन वसुंधरा पर अवस्थित ग्राम खाम्बी में श्री हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव अद्वितीय भक्ति, आध्यात्मिक गरिमा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में अत्यंत भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन समस्त बालाजी सेवक परिवार, बृजधाम श्री बाँके बिहारी मंदिर, खाम्बी (पलवल, हरियाणा) के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

उक्त महोत्सव का आयोजन श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर (सिद्धेश्वर बाबा एवं पूज्य श्री मथुरादास जी के पावन प्रांगण) तथा श्री बिहारी जी मंदिर परिसर में दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के मध्य सम्पन्न हुआ। गत पाँच दिवसीय अवधि से निरंतर प्रवाहित हो रहे अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ एवं मधुर भजन-कीर्तन ने समस्त वातावरण को भक्तिरस से आप्लावित कर दिया, जिससे सम्पूर्ण ग्राम एक जीवंत आध्यात्मिक तीर्थ में परिवर्तित हो गया।

श्री बाँके बिहारी मंदिर के पुजारी पंडित सुखदेव जी ने अपने मन की अभिव्यक्ति में कहा कि इस पावन उत्सव के अवसर पर संध्या वेला में सुसज्जित एवं मनोहारी झाँकियों का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं के अंतर्मन को अलौकिक आनन्द से परिपूर्ण कर दिया। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भावविभोर कर देने वाले सुर-तालों ने वातावरण को दिव्य चेतना से अनुप्राणित कर दिया, जिससे श्रद्धालुजन भावसमाधि की अवस्था में तल्लीन हो उठे। पूरा वातावरण भक्ति रस के रंग में रंग गया। हम सब बहुत ही पुण्य के भागी हैं। 

भागवत भूषण “पंडित भेदी पंडा जी” ने बताया कि इस कार्यक्रम की विशिष्टता यह रही कि बालकों से लेकर वृद्धजनों तक, महिलाओं सहित प्रत्येक वर्ग ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी अटूट आस्था एवं श्रद्धाभाव का परिचय दिया। ग्राम की प्रत्येक गलियों में धार्मिक समरसता, सामूहिकता एवं सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत समन्वय दृष्टिगोचर हुआ। बालकों द्वारा प्रस्तुत अभिनय एवं सृजनात्मक सज्जा ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं युवाशक्ति ने आयोजन की व्यवस्थाओं को दक्षता, अनुशासन एवं सेवा-निष्ठा के साथ संपन्न कर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।

मीडिया से बातचीत करते हुए “बीवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल” के चेयरमैन मोहन शर्मा ने बच्चों और युवाओं में अपनी महानतम राष्ट्रीय संस्कृति के प्रति उमड़ते समर्पण को देखकर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह दृश्य उनके लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। एक प्राचार्य होने के नाते मुझे अपने देश के होनहार विद्यार्थियों को देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। आगे उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी जिस उत्साह, श्रद्धा और जागरूकता के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपना रही है, वह न केवल प्रेरणादायक है बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत भी है। ऐसे संस्कार ही देश को सशक्त, समृद्ध और मूल्यवान दिशा प्रदान करते हैं।

यह भव्य आयोजन ग्राम खाम्बी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करने में मील का पत्थर सिद्ध हुआ। इस दिव्य उत्सव ने श्रद्धालुओं के हृदय-पटल पर अविस्मरणीय छाप अंकित कर, आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।

रिपोर्ट-भगवत प्रसाद शर्मा

 

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