औरंगाबाद में हाकर के अवैध गोदाम पर आपूर्ति विभाग का छापा सूचना लीक हो जाने से स्टाक नदारत
चर्चा ले देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया

औरंगाबाद (बुलंदशहर )औरंगाबाद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की गोपनीय सूचना पर आपूर्ति विभाग ने सोमवार की सायं एक गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी में क्या हाथ लगा यह तो आपूर्ति विभाग वाले जानें लेकिन कस्बे में हो रही चर्चा के अनुसार मामला सामने आया कि हाकर ने 1800 रुपए में सिलैंडर आपूर्ति विभाग के मुखबिर को बेचा। इसके बाद आपूर्ति विभाग ने छापामार कार्रवाई शुरू की। विडियो बनाई वहां कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले जो एजेंसी के बताए। बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।
देश भर में मची घरेलू गैस की अफरातफरी से सिर्फ ब्लैकिये अथवा कालाबाजारी जमाखोरी करने वाले ही अपनी तिजोरियां नहीं भर रहे बल्कि जब बाढ़ ही खेत को खाने लगे कि तर्ज पर वो लोग भी बहती गंगा में हाथ धोने से बाज नहीं आ रहे जिनकी जिम्मेदारी काले कारनामों पर कड़ाई से अंकुश लगाने की है। ये वो लोग हैं जो शासन प्रशासन के अंग माने और कहे जाते हैं। बताया जाता है कि
जिला पूर्ति अधिकारी को गोपनीय सूचना मिली कि औरंगाबाद में कर्बला के सामने एक मार्केट में एक एजेंसी का हाकर अवैध गोदाम बनाए हुए है जहां से कालाबाजारी में घरेलू व कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई होती है। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक सहित टीम ने पहले एक फर्जी ग्राहक भेजा। उसने 1800 रुपए में सिलेंडर खरीद लिया। फिर हुई छापेमारी। बताया जाता है कि छापेमारी में कुछ कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले जो खाली बताये गये। कहां से आये इस का पता आपूर्ति विभाग वाले जानें लेकिन मामला रफा-दफा कर दिया गया। कस्बे में हो रही चर्चाओं के अनुसार मामला मोटी रकम वसूल कर रफा-दफा कर दिया गया।
पूर्ति निरीक्षक ने फोन रिसीव नहीं किया। जिला पूर्ति अधिकारी ने छापेमारी की बात सही बताई लेकिन कुछ पाया गया इससे साफ इंकार कर दिया गया।
छापेमारी के समय पुलिस साथ क्यों नहीं ली गई इसका उत्तर किसी के पास नहीं है।
रिपोर्टर राजेंद्र अग्रवाल






