प्राधिकरण अधिकारियों ने किया लाल तालाब स्थल का निरीक्षण

बुलंदशहर:बुलंदशहर की प्राधिकरण की सचिव ज्योत्सना यादव के नेतृत्व में लाल तालाब स्थल का भौतिक निरीक्षण किया। जहां पर तालाब को नष्ट कर मार्किट बना हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ लाल तालाब आंदोलन के संयोजक अशोक शर्मा, मीडिया प्रभारी संजय गोयल व प्रवक्ता अमित रोनाल्ड, वार्ड 25 के सभासद पति लोकेश लोधी व अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्राधिकरण सचिव ज्योत्सना यादव ने लाल तालाब के अवशेषों को भी देखा। लाल तालाब स्थल पर बनी मार्किट की दुर्दशा को भी देखा। उनके साथ प्राधिकरण के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने स्थलिय निरिक्षण किया। वहां पर लोगों से जानकारी भी ली। लाल तालाब आंदोलन के मीडिया प्रभारी संजय गोयल ने कहा कि प्राधिकरण की सचिव ने लाल तालाब आंदोलन के संयोजक अशोक शर्मा को आश्वस्त किया कि लाल तालाब को पुर्नजीवित किया जाऐगां। साथ ही यहां पर विकास कार्य कराए जाएंगे और। स्थानीय नागरिकों सभासद पति लोकेश लोधी व अमित रोनाल्ड ने प्राधिकरण के अधिकारियों को राय दी कि यहां पर लाल तालाब को एक पिकनिक स्थल के रूप मे डवलप किया जाऐ। जिससे यहां का विकास हो। यहां पर तालाब के साथ पार्क बनाया जाऐ। जिससे बुलंदशहर के लोगों को एक स्वस्थ्य वातावरण मिले।
लाल तालाब आंदोलन के संयोजक अशोक शर्मा ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों का स्थलीय निरीक्षण दर्शाता है कि प्राधिकरण तालाब को पुर्नजीवित करने में रूचि ले रहा है। यह सब बुलंदशहर वासियों की संघर्ष की सफलता का एक कदम है। जब तक प्राधिकरण अपनी पूरी विधिवत घोषणा नहीं करता। तब तक हम सबको इंतजार करना होगा।
उन्होनें कहा कि इस लाल तालाब आंदोलन मे बुलंदशहर के व्यापारियों ने, डाक्टरों ने व दवा विक्रेताओं के संगठन ने पूरा सहयोग प्रदान किया है। बुलंदशहर के जनप्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया है। हम सबका प्रयास है कि लाल तालाब पुर्नजीवित हो। साथ ही इसको एक नया नाम तालाब कल्याण सिंह मिले। जिससे यह आधुनिक भारत के लिए एक प्रेरणा स्थल के रूप में जाना जाऐ। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण द्वारा लाल तालाब को पुर्नजीवित होने की घोषणा होने पर सभी सहयोगी संगठनों व सहयोगी लोगों का नवोदय टाइम्स जिला कार्यालय बुलंदश्हर की तरफ से एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जाऐगा।
लाल तालाब का इतिहास एक नजर में
बुलंदशहर का लाल तालाब 1884 में तत्कालीन जिलाधिकारी एफ एस ग्राउस द्वारा बनवाया गया था। इसके निर्माण का पहला पत्थर 7 फरवरी 1883 को उ. प्र. के अल्फ्रेड लायल ने रखा था। जिसके कारण इसका नाम लायल टैंक पड़ा। इस तालाब के निर्माण में 43 लोगों ने 14895 रूपऐ का योगदान दिया। जो उस समय म्यूनिस्पिल फंड में जमा किया गया था। इस तालाब का नाम नगर पालिका बुलंदशहर में लायल तालाब दर्ज था। जो 1927 में इसको लायल तालाब से नाम बदलकर लाल तालाब रखा गया। सन 1990 के आस पास इसको प्राधिकरण में हस्तांरित कर दिया गया। जहां पर इसका भराव कराकर नष्ट कर दिया गया। एक मार्किट बनवा दिया गया। जो वर्तमान में जीर्णशीर्ण हाल में है।







