बुलन्दशहर

एआई आधारित शिक्षण प्रणाली एवं डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का हुआ शुभारम्भ

बुलंदशहर:विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, डीएम रोड, बुलंदशहर में एआई आधारित शिक्षण प्रणाली एवं डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का शुभारम्भ के अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्रदीप गुप्ता ,(प्रांतीय संगठन मंत्री, विद्या भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश ) , महेश ,(प्रांतीय शैक्षिक प्रमुख, पश्चिमी उत्तर प्रदेश ), मदन पाल ,(प्रदेश निरीक्षक ,शिशु शिक्षा समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश ) एवं विद्यालय के अध्यक्ष सुधीर गुप्ता , व्यवस्थापक संदीप त्यागी, नगर के विद्या भारती के सभी विद्यालयों की प्रबंध समिति के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार वर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया तथा विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों एवं नवीन पहल की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रदीप गुप्ता (प्रांतीय संगठन मंत्री, विद्या भारती पश्चिमी उत्तर प्रदेश) ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर हो रहे नवाचारों को आत्मसात करते हुए विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। विद्यार्थियों को समयानुकूल, ज्ञानवर्धक, कौशल-आधारित तथा तकनीक-संपन्न शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय में एआई आधारित शिक्षण प्रणाली एवं डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का शुभारम्भ किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह अभिनव पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना तथा डिजिटल दक्षता का विकास करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। आधुनिक तकनीक के समावेश से शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण, रुचिकर एवं परिणामोन्मुख बनेगी, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेगा।

विद्यालय के व्यवस्थापक संदीप त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल डिजिटल स्मार्ट कक्षाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि शिक्षा के एक नवीन युग का शुभारम्भ है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का समन्वित अनुभव प्राप्त होगा। कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड, एआई आधारित शिक्षण उपकरण, इंटरैक्टिव प्रेजेंटेशन, शैक्षिक वीडियो, 3D एनीमेशन, वर्चुअल प्रयोगशालाएँ, ई-लर्निंग संसाधन तथा स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे कठिन से कठिन विषयों को भी सरल, स्पष्ट एवं रोचक ढंग से समझना संभव होगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस आधुनिक शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति, डिजिटल साक्षरता तथा आत्मविश्वास का विकास होगा। यह पहल विद्यार्थियों को केवल परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता ही नहीं दिलाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से दक्ष नागरिक भी बनाएगी।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने सभी प्रांतीय अतिथियों, शहर के सारे विद्यालय की प्रबंध समितियां का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।

रिपोर्ट -संजय गोयल सह संपादक ग्लोबल न्यूज़ 24×7

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