ग्रेटर नोएडा

उद्यमिता को विस्तार, निर्यात को गति: एमएसएमई कार्यशाला में तैयार हुआ विकास का रोडमैप

सरकारी खरीद, जेम पोर्टल, वेंडर पंजीकरण एवं एमएसएमई योजनाओं पर विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक मार्गदर्शन

150 से अधिक उद्यमियों ने जाना वैश्विक बाजार और निर्यात से जुड़ने का मंत्र

ग्रेटर नोएडा :सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सरकारी खरीद प्रक्रियाओं, आधुनिक विपणन और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के अवसरों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय (विकास एवं सुविधा कार्यालय, ओखला, नई दिल्ली), औद्योगिक व्यवसाय संघ (आईबीए) तथा आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में ‘खरीद एवं विपणन सहायता योजना’ विषय पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम (आईएएस) ने दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा:

“गौतम बुद्ध नगर आज परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्थानीय उद्यमी बड़े लक्ष्य निर्धारित करें, निर्यात को प्राथमिकता दें और नए रोजगार का सृजन करें। जिला प्रशासन उद्योगों को एक सुगम, सुरक्षित और निवेश-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

कार्यशाला में एमएसएमई मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के शीर्ष अधिकारियों ने उद्यमियों को सीधी और व्यावहारिक जानकारियां प्रदान कीं

एमएसएमई मंत्रालय का मार्गदर्शन: राज्य निदेशक डॉ. आर. के. भारती, उप निदेशक श्री सुनील कुमार व श्री ओ. पी. सिंह ने मंत्रालय की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। श्री ओ. पी. सिंह ने क्रेडिट गारंटी योजना के तहत बिना किसी जमानत (कोलेटरल) के मिलने वाले ऋण और वित्तीय सहायताओं की जानकारी दी।

विपणन एवं निर्यात: राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) के मुख्य प्रबंधक श्री ऋषि भाटिया ने विपणन सहायता योजनाओं को समझाया, जबकि श्री राजन उप्रेती ने निर्यात बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रवेश के व्यावहारिक तरीके बताए।

सरकारी खरीद में बड़े अवसर:इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल): खरीद प्रमुख ने साझा किया कि आईओसीएल अपनी कुल वार्षिक खरीद का लगभग 49% हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र से करता है। तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी): खरीद प्रमुख ने वेंडर पंजीकरण और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया से जुड़ने के चरणबद्ध तरीके बताए।

दिनभर चले सत्रों में उद्यमियों को आधुनिक उद्योग संचालन के प्रमुख घटकों से अवगत कराया गया:

1. सरकारी ई-बाजार (जेम पोर्टल) और वेंडर पंजीकरण

2. ट्रेड्स (व्यापार प्राप्ति छूट प्रणाली / ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम)

3. लीन मैन्युफैक्चरिंग (दुबली विनिर्माण व्यवस्था)

4. जेड प्रमाणन (शून्य दोष – शून्य प्रभाव / ज़ीरो डिफ़ेक्ट ज़ीरो इफ़ेक्ट)

5. खरीद एवं विपणन सहायता योजनाएं

सत्र के अंत में एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जहाँ उद्यमियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं और शंकाओं का विशेषज्ञों से सीधा समाधान प्राप्त किया।

आईबीए के अध्यक्ष श्री अमित कुमार उपाध्याय ने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर जेम पोर्टल पर पंजीकरण कराएं और निर्यात को व्यापार विस्तार का मुख्य माध्यम बनाएं। वहीं, आईबीए के महासचिव श्री सुनील दत्त शर्मा ने दोहराया कि संस्था उद्योग और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाती रहेगी ताकि स्थानीय उद्योग आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।

कार्यक्रम में आईआईएलएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जयशंकर वरियार, प्रति-कुलपति डॉ. निहार अमोनकर, श्री नील राय, वरिष्ठ प्रबंधक श्री राजकुमार सिंह, आईबीए के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के खरीद प्रमुख एवं 150 से अधिक उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आईबीए द्वारा सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

रिपोर्टर भगवत प्रसाद शर्मा

 

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