राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ

दनकौर:आज द्रोणाचार्य पीजी कॉलेज, दनकौर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ ग्राम सलारपुर, विकासखंड दनकौर में विधिवत रूप से संपन्न हुआ। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि कॉलेज के प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स तथा ग्राम के वरिष्ठ नागरिक चरण सिंह द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों ने मंच ग्रहण किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत कनौजिया ने मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है।
इसके पश्चात डॉ. देवानंद सिंह ने भी राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और उसके सामाजिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में ग्राम सलारपुर के सम्मानित व्यक्तित्व सतीश कुमार ने अपनी रागिनी के माध्यम से अनुशासन और जीवन की सच्चाइयों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सेवा, अनुशासन और परिश्रम को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समर्पण का महत्व बताते हुए कहा कि यदि युवा अपने जीवन में अनुशासन अपनाते हैं तो कोई भी लक्ष्य उनसे दूर नहीं रह सकता।
इस अवसर पर श्रीमती शशि नागर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक समस्याओं से परिचित कराती है और उनमें सेवा, सहयोग तथा मानवीय संवेदनाओं का विकास करती है। वहीं डॉ. रश्मि जहाँ ने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस के माध्यम से युवा वर्ग में सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की भावना मजबूत होती है, जो एक सशक्त और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन अमित नागर (सहायक कार्यक्रम अधिकारी) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें स्वयंसेवकों ने देशभक्ति पर आधारित कविता पाठ, भाषण, संवाद तथा अन्य प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही नैतिक मूल्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
यह शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, अनुशासन एवं सेवा भावना को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।






