ग्रेटर नोएडा

शैक्षणिक यात्रा में छात्रों ने किया बुद्ध रिलिक्स और राष्ट्रीय संग्रहालय का अध्ययन

ग्रेटर नोएडा:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के वास्तुकला एवं क्षेत्रीय योजना विभाग के बी.आर्क. एवं बी.डेस. के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को पिथौरागढ़ स्थित ‘बुद्ध रिलिक्स’ तथा राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली की शैक्षणिक यात्रा की। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को संग्रहालय डिजाइन, प्रदर्शनी नियोजन एवं इंटीरियर डिजाइन के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।

यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने संग्रहालयों में प्रदर्शनी-स्थल की वास्तु-रचना, इंटीरियर लेआउट, प्रकाश-योजना, प्रदर्शन तकनीक, दर्शक-प्रवाह तथा आंतरिक सज्जा का बारीकी से अध्ययन किया। विद्यार्थियों ने पिथौरागढ़ में बौद्ध अवशेषों का अवलोकन करने के साथ-साथ उनकी प्रस्तुति एवं संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण कर संग्रहालय की प्रदर्शनी व्यवस्था और आंतरिक संरचना का अध्ययन किया।

इस शैक्षणिक यात्रा में बी.आर्क. एवं बी.डेस. के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। यात्रा का नेतृत्व डॉ. वरुणा सेमवाल एवं आर्किटेक्ट मधुरी अग्रवाल ने किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने संग्रहालय इंटीरियर के विभिन्न मापदंडों, प्रदर्शनी लेआउट, प्रकाश व्यवस्था तथा धरोहर संरक्षण तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझने का प्रयास किया।

यात्रा के सफल एवं सुचारू संचालन में विद्यार्थी धवल जैन एवं समीर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों विद्यार्थियों ने समूह प्रबंधन, समय-सारिणी के पालन तथा विभिन्न व्यवस्थाओं के समन्वय में सक्रिय योगदान दिया, जिससे पूरी शैक्षणिक यात्रा व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।

आर्किटेक्ट मधुरी अग्रवाल एवं डॉ. वरुणा सेमवाल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक एवं व्यावहारिक संदर्भों में समझने का अवसर प्रदान करते हैं। संग्रहालयों और विरासत स्थलों का प्रत्यक्ष अध्ययन विद्यार्थियों में डिजाइन संबंधी समझ विकसित करने के साथ-साथ उन्हें संरक्षण, प्रदर्शनी नियोजन और दर्शक अनुभव के विभिन्न आयामों से परिचित कराता है।

यह शैक्षणिक यात्रा वास्तुकला एवं क्षेत्रीय योजना विभाग की व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तुकला, डिजाइन, संग्रहालय नियोजन एवं विरासत संरक्षण के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!