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हाथरस कांड: आचरणों को छोड़ चरणों पर न्यौछावर 116 जिंदगियां

 

राजेश बैरागी( स्वतंत्र पत्रकार व लेखक)

कथित तौर पर विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर सपेरों और तांत्रिकों के देश में यह अभूतपूर्व हादसा नहीं है। पिछले वर्ष इन्हीं दिनों(10 से 16 जुलाई 2023 तक)ग्रेटर नोएडा में बाबा बागेश्वर धाम फेम धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा में ऐसा ही जनसैलाब उमड़ा था।12 जुलाई 2023 को दिव्य दरबार के दिन भीड़ ही भीड़ थी। दिल्ली नोएडा से मेट्रो में आए भक्तों को मेट्रो और स्टेशन से बाहर निकलने का अवसर ही नहीं मिला था। सनातन धर्म में आचरणों को महत्व दिया गया है। हाथरस के सिकंद्राराऊ कस्बे के गांव फुलरई में कथा सुना रहे नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का आचरण कैसा है? उसपर कई अपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।वह कथा, प्रवचन, तंत्र मंत्र सब करता है।वह रक्त कैंसर को ठीक करने का दावा भी करता है। सफारी सूट और टाई पहनकर कथा कहने वाले इस बाबा की कथा में जुटने वाले हजारों लोगों को संभवतः कथा से मतलब नहीं रहता।वे बाबा की कृपा और चमत्कार के ग्राहक होते हैं। बाबा उनकी आस्था का सच्चा सौदागर है। कृपा और चमत्कार की इच्छा लेकर आने वाले भक्त या ग्राहक बाबा के चरणों पर अपनी आस्था को न्यौछावर करना चाहते थे। बाबा की गाड़ियों की धूल पाने की होड़ में उन्हें यह भी ध्यान नहीं रहा कि अंधभक्ति की जिस भूमि पर वे खड़े हैं,वह फिसलन वाली भूमि है और उसके पीछे गंदा नाला। अंधभक्त भीड़ अपने दबाव से स्वयं पीछे की ओर ढह गई और नाले में धंस गई। यह पोस्ट लिखे जाने तक 116 जिंदगियों के नष्ट होने की जानकारी मिली है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। अंधभक्तों की संख्या भी बढ़ रही है। जेलों में बंद बापू फेम आशाराम,राम रहीम फेम गुरमीत सिंह, रामपाल आदि बाबाओं के अंधभक्त आज भी नहीं मानते कि वे पापी और अधर्मियों के आचरणों के साथ खड़े हैं,

 

 

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