श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में किया गया वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का भव्य शुभारंभ

दनकौर:आज श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में रजनीकांत अग्रवाल (सचिव) एवं डॉ0 गिरीश कुमार वत्स (प्राचार्य) के कुशल दिशा-निर्देशन में वन वीक ऑफ-लाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का भव्य शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन आई.क्यू.ए.सी. समिति के तत्वावधान में किया गया, जिसकी संयोजक डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक) रहीं। उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ0 नितिन त्यागी, सहायक आचार्य, शिक्षक-शिक्षा विभाग, कु0 मायावती राजकीय महिला महाविद्यालय, बादलपुर, गौतम बुद्ध नगर उपस्थित रहे। उन्होंने “Multidisciplinary Approaches to Exploring Indian Knowledge Systems” विषय पर अत्यंत सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली की बहुविषयक प्रकृति, उसकी शैक्षिक, दार्शनिक एवं वैज्ञानिक उपयोगिता तथा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में उसके समावेशन की आवश्यकता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ0 रश्मि गुप्ता (उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक) , डॉ0 निशा शर्मा (सहायक आचार्या गृह विज्ञान विषय) , विषय संक्षिप्तीकरण डॉ. राजीव पांडे उर्फ पिंटू तथा कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अमित नागर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों ने भारतीय ज्ञान परंपरा को बहुविषयक दृष्टिकोण से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त किया। साथ ही कार्यक्रम में Essence of Indian Knowledge System- A Multidisciplinary Approach का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर उक्त पुस्तक की सम्पादिका डॉ0 रश्मि गुप्ता एवं डॉ0 ऋचा शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन, शोध क्षमता विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रभावी एवं सार्थक पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम के सुचारु एवं सफल आयोजन हेतु विभिन्न समितियों का गठन क्रमशः किया गया। सजावट समिति, बुके, शॉल एवं दीप प्रज्ज्वलन समिति, पंजीकरण समिति, फीड बैक समिति, प्रमाण-पत्र लेखन समिति, वीड़ियों और फोटो समिति, प्रेस विज्ञप्ति समिति, नाश्ता समिति, हॉल व्यवस्था समिति, टेक्निकल समिति, सोशल मीडिया समिति, मंच संचालन समिति जिनमें सभी ने क्रमशः अपना-अपना अपना-अपना सहयोग प्रदान किया।
डॉ0 देवानन्द सिंह, श्री अमित नागर, श्रीमती शशी नागर, डॉ0 प्रीति रानी सेन, डॉ0 कोकिल, डॉ0 शिखा रानी, डॉ0 निशा शर्मा, डॉ0 संगीता, डॉ0 नाज़ परवीन, डॉ0 प्रशान्त कन्नौजिया, डॉ0 अज़मत आरा, इन्द्रजीत सिंह डॉ0 सूर्य प्रताप राघव, डॉ0 राजीव उर्फ पिन्टू, कु0 नगमा सलमानी, श्रीमती प्रीति शर्मा, डॉ0 रेशा, महीपाल सिंह, कु0 चारू, डॉ0 नीतू सिंह, श्रीमती सुनीता शर्मा, श्रीमती हनी शर्मा, अखिल कुमार, कु0 रूचि शर्मा, प्रिंस त्यागी, अजय कुमार, करन नागर, पुनीत कुमार गुप्ता, मुकुल कुमार शर्मा, रामकिशन सिंह, डॉ0 एन0सी0 शर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर) एवं श्री लोकेश सिंह, डॉ0 नेहा नागर, डॉ0 अल्का पाण्डेय, डॉ0 शालिनी कुमारी,श्री प्रिंस चौधरी, कु0 खुशी, कु0 नेहा भाटी (शोध छात्र) श्रीमती रूबी भाटी (सहायक अध्यापिका), विनीत कुमार, अंकित कुमार, राकेश कुमार, रनवीर सिंह, बिल्लू सिंह, मीनू सिंह, ज्ञानप्रकाश कश्यप, मोती कुमार, धनेश कुमार, श्रीमती कमलेश, जगदीश सिंह, मनोज कुमार आदि एवं छात्र/छात्राओं ने भी अपना योगदान प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अनुशासन पूर्ण रहा।







