ग्रेटर नोएडा

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग की उभरती प्रौद्योगिकियों पर सप्ताहीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 

ग्रेटर नोएडा : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में “सिविल इंजीनियरिंग में हालिया प्रगति और उभरती प्रौद्योगिकियाँ” विषय पर एक सप्ताहीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम इंडियन यूनिवर्सिटीज़ एसोसिएशन के सहयोग से 17 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के सफल संचालन में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, डीन अकादमिक प्रो. राजीव वार्ष्णेय तथा रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी का विशेष सहयोग रहा। उद्घाटन सत्र का संचालन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन डॉ. कीर्ति पाल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने अवसंरचना विकास, स्मार्ट मटेरियल और डिजिटल इंजीनियरिंग के बदलते परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि सिविल इंजीनियरिंग शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं और आधुनिक तकनीकी प्रगति के अनुरूप अद्यतन करना समय की मांग है।

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ. शोभा राम ने संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए सतत कौशल-विकास की महत्ता रेखांकित की। उन्होंने ए आई-आधारित स्ट्रक्चरल एनालिसिस, सतत निर्माण तकनीकों और उन्नत अवसंरचना समाधानों को सिविल इंजीनियरिंग के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला बताया।

तकनीकी व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत आईआईटी बीएचयू, वाराणसी के प्रो. डॉ. विश्वजीत आनंद ने “निर्माण उद्योग के कार्बन पदचिह्न को कम करना” विषय पर व्याख्यान दिया। इसके पश्चात जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रो. डॉ. मानवेन्द्र वर्मा ने “टिकाऊ निर्माण के लिए कम-कार्बन एवं हरित कंक्रीट प्रौद्योगिकी” पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों, जिनमें आईआईटी, एनआईटी और डीटीयू शामिल हैं, से विशेषज्ञ वक्ता भाग ले रहे हैं।

सप्ताहभर चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग, ग्रीन बिल्डिंग नवाचार तथा नवीन निर्माण सामग्रियों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. इंद्रजीत सिंह (असिस्टेंट प्रोफेसर) तथा आयोजन समिति के सदस्य डॉ. हरकिरत कौर, डॉ. रोहित पटेल, सुश्री वर्षा मल्ल, श्री प्रज्ज्वल सिंह और सुश्री प्रिया सिंह ने सफल समन्वय में अहम भूमिका निभाई। वालंटियर विद्यार्थियों के सहयोग की भी सराहना की गई। उद्घाटन सत्र का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। यह कार्यक्रम ज्ञान-विनिमय और सिविल इंजीनियरिंग की उभरती तकनीकी प्रवृत्तियों की गहन समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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