श्रीमद्भागवत कथा से भक्तों को कराया भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का बोध
कलशयात्रा के साथ हुआ साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु

बिलासपुर:बिलासपुर स्थित श्री बालाजी संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तिमय माहौल में श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
कथा व्यास वृंदावन से आए आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व से अवगत कराते हुए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर भगवान के प्रति श्रद्धा, प्रेम और समर्पण की भावना उत्पन्न होती है।
कथा के दौरान आचार्य ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के प्रसंग को विस्तार से समझाते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में भक्ति के साथ ज्ञान और वैराग्य का होना भी आवश्यक है। जब मनुष्य सांसारिक मोह-माया में उलझने के बजाय भगवान के नाम का स्मरण करता है और अपने कर्मों को ईश्वर को समर्पित करता है, तभी उसे वास्तविक शांति की अनुभूति होती है।

उन्होंने गोकर्ण और धुंधकारी प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि मनुष्य को अपने कर्मों के परिणाम से सीख लेकर सद्मार्ग पर चलना चाहिए। कथा में गोकर्ण के चरित्र को धर्म, ज्ञान और सदाचार का प्रतीक बताते हुए आचार्य ने कहा कि सत्संग और भगवान की भक्ति मनुष्य के जीवन को बदलने की शक्ति रखते हैं। वहीं धुंधकारी प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि गलत संगति और अधर्म के मार्ग पर चलने से व्यक्ति का जीवन पतन की ओर चला जाता है।
आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यस्त जीवन में कुछ समय भगवान के स्मरण, सत्संग और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन के लिए अवश्य निकालें। उन्होंने कहा कि कथा सुनने का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब कथा के संदेश को अपने जीवन में उतारा जाए। परिवार में प्रेम, बड़ों का सम्मान, जरूरतमंदों की सेवा और सदाचार को अपनाना ही भगवान की सच्ची भक्ति है।
कथा के दौरान भजनों और धार्मिक प्रसंगों पर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। मंदिर परिसर में पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक कथा का श्रवण किया और भगवान का स्मरण कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी वीरेंद्र कुमार शुक्ला सहित चित्रकूट सेवा समिति से रवि शुक्ला, सुमित शुक्ला, चांदनी शुक्ला, ललिता शुक्ला, अनुपम तायल, सीताराम तायल, अभिषेक ठाकुर, तुषार गोस्वामी, हर्ष योगी, पुष्कर योगी, हिमांशु योगी, राहुल प्रजापति, कुलदीप कश्यप, सोनपाल शर्मा, मनोज दुबे, रचना सिंह, नवनीत अग्रवाल, रजनी, वंदना, राजपाल शर्मा, धीरज सिंह प्रधान, नीसू प्रधान, सुंदर शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर आध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






