द्रोण मेले में वीर हकीकत राय नाटक ने बांधा समां, देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उठाया आनंद

दनकौर : ऐतिहासिक श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में आयोजित 103वें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव द्रोण मेले में रंगमंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। रंगमंच पर वीर हकीकत राय नाटक का भावपूर्ण मंचन किया गया। नाटक के दौरान कलाकारों ने अपनी दमदार अदाकारी के माध्यम से वीर हकीकत राय के जीवन, साहस और त्याग को जीवंत कर दिया। नाटक देखने के लिए दनकौर नगर के अलावा आसपास के गांवों तथा दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक दर्शक रंगमंच के सामने डटे रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते नजर आए।
मेले में रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नाटकों के साथ धार्मिक एवं मनोरंजन से जुड़े विभिन्न आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों के दर्शन किए जा रहे हैं। वहीं द्रोण गौशाला में पहुंचकर श्रद्धालु गायों को चारा दान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। गौसेवा के प्रति लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव द्रोण मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन के विभिन्न साधन उपलब्ध हैं। मेले में लगे झूले, खेल-तमाशे, खानपान की दुकानें और अन्य मनोरंजन के साधन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। शाम होते ही मेला परिसर में भीड़ बढ़ने लगती है और रात में रंगमंच पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पूरा परिसर दर्शकों से खचाखच भर जाता है।
वीर हकीकत राय नाटक के मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कई दृश्यों के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। धार्मिक वातावरण के बीच देशभक्ति और वीरता से जुड़ी प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
मेले में दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु पहले श्री द्रोणाचार्य मंदिर में दर्शन कर रहे हैं। इसके बाद गौशाला में गायों को चारा खिलाने के साथ मेले में घूमकर विभिन्न मनोरंजन के साधनों का आनंद ले रहे हैं। रात के समय रंगमंच पर आयोजित कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं। इससे पूरे मेला परिसर में देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था, परंपरा, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम बना हुआ है। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही और रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान उमड़ती भीड़ के कारण मेले की रौनक देखते ही बन रही है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी परिवार सहित मेले में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले रहे हैं।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






