बीआरसी दनकौर में दिव्यांग बच्चों के लिए मापन शिविर आयोजित
98 बच्चों ने लिया भाग, 76 उपकरणों के लिए चिन्हित और 26 बच्चों के बने दिव्यांगता प्रमाण पत्र

बिलासपुर: बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन तथा खंड शिक्षा अधिकारी दनकौर के मार्गदर्शन में शुक्रवार को बीआरसी दनकौर परिसर में दिव्यांग बच्चों के लिए उपकरण एवं उपस्कर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मापन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ब्लॉक क्षेत्र के करीब 98 दिव्यांग बच्चों ने प्रतिभाग किया।
शिविर में एएलआईएमसीओ कानपुर की विशेषज्ञ टीम ने बच्चों की दिव्यांगता एवं आवश्यकता के अनुसार जांच कर विभिन्न सहायक उपकरणों के लिए मापन किया। बच्चों के लिए कान की मशीन, व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल, कैलिपर, होलेटर सहित अन्य सहायक उपकरणों के लिए मापन किया गया। मापन के बाद 76 बच्चों को विभिन्न उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया।
शिविर में दिव्यांग बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए चिकित्सकीय जांच भी की गई। जांच के आधार पर 26 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए। साथ ही पात्र बच्चों की यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) बनाने की प्रक्रिया भी की गई, जिससे उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कागज पर दर्ज विशेषज्ञ टीम में डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह (ऑर्थो सर्जन), डॉ. तनुज गुप्ता (कम्युनिटी साइकोलॉजिस्ट), डॉ. सतेंद्र कुमार (आई सर्जन), डॉ. अभिषेक आनंद (ईएनटी सर्जन), निद्धि सिंह (क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट), विष्णु कुमार (सीएचए), डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार सिंह (ऑडियोलॉजिस्ट), पिंटू कुमार (पीएंडओ अधिकारी), गुलशन कुमार और योगेश कुमार शामिल रहे।
चिकित्सकीय टीम द्वारा बच्चों की दिव्यांगता की जांच की गई, जबकि एएलआईएमसीओ कानपुर के विशेषज्ञों ने उनकी जरूरत के अनुसार उपकरणों के लिए मापन किया। शिविर में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा एवं ब्लॉक क्षेत्र के समस्त विशेष शिक्षक भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के साथ-साथ दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना है। शिविर में पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






