दनकौर

श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज में तनाव एवं चिंता प्रबंधन तथा सोशल मीडिया की लत विषय पर कार्यशाला आयोजित

दनकौर: श्री द्रोणाचार्य (पी.जी.) कॉलेज, दनकौर में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन तथा डिजिटल जीवन में संतुलन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “Stress & Anxiety Management and Social Media Addiction” विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव एवं चिंता के कारणों, उनके प्रभावों तथा उनसे प्रभावी ढंग से निपटने के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराना रहा।

कार्यशाला में सुश्री नेहा सिंह ने फेसिलिटेटर एवं संसाधन व्यक्ति के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए बताया कि वर्तमान समय में शैक्षणिक दबाव, प्रतियोगिता, अपेक्षाएँ, व्यक्तिगत समस्याएँ तथा सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं में तनाव एवं चिंता को बढ़ा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा कठिन परिस्थितियों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सुश्री नेहा सिंह ने तनाव एवं चिंता के सामान्य लक्षणों, जैसे बेचैनी, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव तथा निरंतर चिंता आदि के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने तनाव को नियंत्रित करने के लिए समय-प्रबंधन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, ध्यान एवं विश्राम तकनीकों, सकारात्मक सोच तथा परिवार एवं मित्रों से संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यशाला का एक प्रमुख विषय सोशल मीडिया की लत रहा। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के अत्यधिक एवं अनियंत्रित उपयोग से होने वाले संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, समय की बर्बादी, नींद प्रभावित होना, सामाजिक तुलना, आत्मविश्वास में कमी तथा मानसिक तनाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरणों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा डिजिटल वेलबीइंग के लिए स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने, आवश्यक एवं अनावश्यक ऑनलाइन गतिविधियों में अंतर करने तथा वास्तविक जीवन के संबंधों एवं गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएँ एवं अनुभव साझा किए तथा तनाव, चिंता और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। संसाधन व्यक्ति द्वारा विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समाधान किया गया। इस संवादात्मक गतिविधि से विद्यार्थियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिश कुमार वत्स के मार्गदर्शन में किया गया। उप-प्राचार्या एवं IQAC समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी अथवा तनाव की स्थिति में परिवार, शिक्षक अथवा विश्वसनीय व्यक्ति से संवाद करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुश्री नेहा सिंह के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं डिजिटल कल्याण के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें प्रशंसा-पत्र (Certificate of Appreciation) प्रदान किया गया।

कार्यशाला ने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि स्वस्थ मन, संतुलित जीवन और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार ही बेहतर भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्य संदेश“तनाव को समझें, चिंता को संभालें और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करें—स्वस्थ मन एवं संतुलित जीवन की ओर एक सकारात्मक कदम बढ़ाएँ।”

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