रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु

बिलासपुर : श्रीबालाजी संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह का सुंदर एवं भावपूर्ण प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानती थीं और उनके प्रति उनकी अटूट श्रद्धा थी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने मन की बात बताई और उनसे विवाह की इच्छा प्रकट की।
आचार्य ने बताया कि रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग भगवान के प्रति अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी की पुकार स्वीकार करते हुए उन्हें अपने साथ ले जाकर विवाह किया। कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, प्रेम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखने वाले भक्तों पर सदैव उनकी कृपा बनी रहती है।
कथा में अनुपम तायल, सीताराम तायल, सोनपाल शर्मा, मनोज दुबे, शिवमूरत पाल, धीरज प्रधान, नवनीत अग्रवाल, चांदनी शुक्ला, ललिता शुक्ला, रवि शुक्ला, सुमित शुक्ला, सोहनपाल शर्मा, मुकेश मुनीम, वंदना, चिराग, दीपक, राहुल, तुषार, अभिषेक, हर्ष योगी, पुष्कर योगी, हिमांशु सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।
रिपोर्टर घनश्याम पाल






