आनंदम 10-दिवसीय बैगलेस डे प्रशिक्षण एवं अरुणोदय के तृतीय एवं अंतिम बैच का भव्य समापन

दनकौर:जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), दनकौर, गौतम बुद्ध नगर में आनंदम 10-दिवसीय Bagless Day Training एवं अरुणोदय कार्यक्रम के तृतीय एवं अंतिम बैच के प्रशिक्षण का समापन उत्साहपूर्ण एवं सृजनात्मक वातावरण में हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों में रचनात्मकता, कला, रंगमंच, नृत्य, हस्तकला तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए आनंदमय एवं अनुभवात्मक अधिगम का वातावरण विकसित करना रहा।

समापन अवसर पर प्राचार्य डाइट श्रीमती अर्चना गुप्ता तथा वरिष्ठ प्रवक्ता श्री अनिल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों द्वारा अर्जित कौशलों को विद्यालयी शिक्षण में प्रभावी रूप से प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बैगलेस डे की अवधारणा विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें करके सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने के अवसर प्रदान करती है,

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री भूपेंद्र सिंह तथा सहायक के रूप में डॉ. रेनू ने प्रशिक्षण के सफल संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर Bagless Day को प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से संचालित करने के लिए व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।

इस अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से श्री डॉ. हिम्मत सिंह नेगी विशेष संदर्भदाता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों को माइंस थिएटर, थिएटर तकनीक, नाट्य-अभिव्यक्ति, अभिनय एवं मंचीय गतिविधियों से परिचित कराया। उनके सत्रों में शिक्षकों ने विभिन्न नाट्य गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए अनुभवात्मक रूप से रंगमंच की बारीकियों को समझा।
प्रशिक्षण में श्री भोला कुमार, श्री राजेश खन्ना, श्रीमती निधि, डॉ. अर्चना आर्य, श्रीमती रीना भारतीय, दीक्षा, श्री वेद प्रकाश मौर्य, श्री नियाज वारिस वारसी, श्रीमती गीता, श्री अनुराग सहित अन्य प्रशिक्षण सहयोगियों एवं संदर्भदाताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पेपर क्राफ्ट, क्ले मॉडलिंग, पपेट्री निर्माण, कला एवं शिल्प, नृत्य, रंगमंच, थिएटर गतिविधियाँ, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी तथा अन्य रचनात्मक एवं अनुभवात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए यह समझ विकसित की कि इन गतिविधियों को विद्यालयों में विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है।
समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा करते हुए कहा कि आनंदम एवं Bagless Day प्रशिक्षण ने उन्हें कक्षा-कक्ष को अधिक आनंदमय, रचनात्मक, सहभागितापूर्ण एवं गतिविधि-आधारित बनाने के लिए नए विचार और व्यावहारिक कौशल प्रदान किए हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं संदर्भदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण के सफल समापन की घोषणा की गई।






