“ओजोन बचाओ, पर्यावरण बचाओ” के संदेश के साथ द्रोणाचार्य कॉलेज में क्विज प्रतियोगिता

दनकौर:श्री द्रोणाचार्य पी.जी. कॉलेज, दनकौर, गौतम बुद्ध नगर के बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण एवं ओजोन परत के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सचिव श्री रजनीकांत अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स एवं उप-प्राचार्या एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक डॉ. रश्मि गुप्ता के दिशा-निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता में बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्विज प्रतियोगिता में ओजोन परत, उसके महत्व, ओजोन क्षरण के कारणों, पर्यावरण पर इसके प्रभाव तथा ओजोन संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने अपनी जानकारी, जागरूकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचय देते हुए सक्रिय सहभागिता की।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतिभागियों ने प्रश्नों के उत्तर देकर न केवल अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि ओजोन परत के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी परिचय दिया।
क्विज प्रतियोगिता में बी.सी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र हर्ष ने प्रथम स्थान, नीरज सोलंकी ने द्वितीय स्थान तथा आयुषी नागर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया तथा उनकी उपलब्धि की सराहना की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. विभाग से श्रीमती हनी शर्मा, श्री प्रिंस त्यागी, कु. रूचि शर्मा एवं श्री अखिल कुमार ने अपनी उपस्थिति एवं सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. विभागाध्यक्षा श्रीमती शशि नागर ने सभी प्रतिभागियों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता-परक प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, पर्यावरणीय चेतना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति निरंतर सजग रहने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच यह सार्थक संदेश पहुँचाया कि ओजोन परत की रक्षा पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य की रक्षा है और पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता महत्वपूर्ण है।






