दनकौर

103वें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले का भव्य समापन, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा

दनकौर : ऐतिहासिक श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में आयोजित 103वें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले का 13 दिवसीय आयोजन 3 से 15 सितंबर तक विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ।

सोमवार देर रात आयोजित समापन समारोह में मेले के सफल आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों, सहयोगियों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया गया। मेले के दौरान श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी, फूलों और विभिन्न झांकियों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण और श्री द्रोणाचार्य के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मेले में आसपास के गांवों एवं कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और लोग पहुंचे। बच्चों ने झूलों और विभिन्न मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया।

मेले के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ कुश्ती दंगल, कवि सम्मेलन, रागिनी, नाट्य मंचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय कलाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। श्री द्रोण नाट्य मंडल के रंगमंच पर वीर गाथाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कुश्ती दंगल में क्षेत्र के अलावा विभिन्न स्थानों से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया। अंतिम मुकाबलों में पहलवानों ने शानदार कुश्ती का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं कवि सम्मेलन और रागिनी कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा,

समापन समारोह में श्री द्रोण गौशाला समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार गर्ग और प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल सहित समिति के पदाधिकारियों ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मेले की परंपरा को आगे बढ़ाने में क्षेत्र के लोगों, प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर मेला में सहयोग सुरक्षा देने वाले गणमान्य को भी मेला समिति की ओर से सम्मानित किया गया। समिति पदाधिकारियों ने उनके द्वारा मेले एवं क्षेत्र की गतिविधियों को प्रमुखता से समाचारों के माध्यम से सामने लाने के लिए सम्मानित किया। समापन समारोह में समिति के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, क्षेत्र के गणमान्य लोगों, कलाकारों, पहलवानों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता के रंगों से सराबोर 103वें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले ने क्षेत्रवासियों के बीच अपनी छाप छोड़ी।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!