साहित्य जगत

डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ‘भारतीय पद्म भूषण’ से अलंकृत

शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान का सम्मान

ग्रेटर नोएडा: नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सभागार में 19 सितंबर 2026 को आयोजित गरिमामय समारोह में ग्रेटर नोएडा निवासी जो मूल रूप से ग्राम खाम्बी, पलवल ( हरियाणा) के रहने वाले हैं। डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा को विश्व संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण आयोग तथा साहित्य सेवा पुरस्कार परिषद् द्वारा ‘भारतीय पद्म भूषण’ सम्मान से अलंकृत किया गया।

डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा को यह सम्मान शिक्षा, समाज, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। उनके दीर्घकालिक सामाजिक सरोकारों, रचनात्मक अभिव्यक्ति और जनजागरूकता के प्रति समर्पित भूमिका को समारोह में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा का जीवन उन कर्मनिष्ठ व्यक्तित्वों की श्रेणी में आता है, जिन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अपने अनुभव, ज्ञान और संचार-कौशल को शिक्षा, समाज, राष्ट्रहित एवं जनचेतना से जोड़ने का सतत प्रयास किया। चार दशकों से अधिक की उनकी कार्ययात्रा में परिश्रम, अनुशासन, सत्यनिष्ठा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, संगठनात्मक दक्षता, संचार-कौशल और सामाजिक प्रतिबद्धता प्रमुख आधार रहे हैं।

उनकी जीवन यात्रा का विशिष्ट पक्ष यह है कि उन्होंने समय के परिवर्तनशील स्वरूप के साथ स्वयं को निरंतर विकसित किया। तकनीकी एवं औद्योगिक गुणवत्ता प्रबंधन से लेकर आधुनिक मीडिया, जनसंपर्क और संचार के क्षेत्र तक उनका अनुभव-विस्तार उनकी बहुआयामी कार्यक्षमता को दर्शाता है।

डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा संवेदना, संस्कार और राष्ट्रचेतना से संपृक्त बहुआयामी रचनाकार भी हैं। शिक्षा, पत्रकारिता और जनसंपर्क के अनुभवों ने उनके साहित्य को गहराई तथा समाज को देखने की व्यापक दृष्टि प्रदान की है। उनकी कविताओं में राष्ट्रभक्ति, शहीदों के प्रति श्रद्धा, भारतीय संस्कृति, बेटियों के प्रति स्नेह तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का सजीव प्रतिबिंब दिखाई देता है। उनके लिए कविता केवल कागजी पंक्तियों का संयोजन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को स्पर्श करने, जीवन-मूल्यों को सुदृढ़ करने और समाज को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम है।

अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख करते हुए डॉ. शर्मा बताते हैं कि वर्ष 1996 में दक्षिण कोरिया स्थित देवू मोटर कंपनी लिमिटेड में उन्हें उनकी सत्यनिष्ठा के लिए ‘ऑनेस्टी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था। उनके अनुसार, उनकी ईमानदारी को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का प्रतीक मानते हुए प्रदान किया गया यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों और मूल्यों की प्रतिष्ठा से जुड़ा गौरवपूर्ण प्रसंग है।

‘भारतीय पद्म भूषण’ सम्मान से अलंकृत होने पर साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा शुभचिंतकों ने डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

रिपोर्टर-डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा

 

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