परीक्षित को मिला सात दिन में मृत्यु का श्राप – सुखदेव जी ने सुनाया भागवत का अमृत

छतारी : कीरतपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित रमाकांत व्यास ने राजा परीक्षित और सुखदेव जी का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति और मोक्ष का संदेश दिया। कथा के दौरान भक्ति संगीत पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। 
छतारी के गांव कीरतपुर (जयरामपुर) स्थित ठाकुर अमर सिंह बाल निकेतन के मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा के बाद हुआ था। दूसरे दिन कथा व्यास पंडित रमाकांत व्यास ने राजा परीक्षित को मिले श्राप और उनके द्वारा भगवान की भक्ति में लगाए गए अंतिम सात दिनों का प्रसंग विस्तार से सुनाया।
उन्होंने बताया कि ऋषि के पुत्र के श्राप के कारण राजा परीक्षित को सात दिन बाद मृत्यु होने की जानकारी मिली। मृत्यु का समय निश्चित होने के बाद परीक्षित ने सांसारिक मोह त्याग दिया और अपना पूरा समय भगवान की भक्ति तथा श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण में लगाने का निर्णय लिया। इसी दौरान सुखदेव जी ने उन्हें श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर भक्ति, ज्ञान और मोक्ष का मार्ग बताया।
पंडित रमाकांत व्यास मध्य प्रदेश के जनपद झकलाय से आए हैं और कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति का संदेश दे रहे हैं। परीक्षित-सुखदेव प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने जमकर भक्ति की और कथा स्थल पर देर तक भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुकेश राघव, राकेश कुमार, चंद्रपाल सिंह, अर्जुन सिंह, दिनेश दादा, सोमवीर सिंह, जीतपाल सिंह, श्रीओम शर्मा (जयरामपुर), महेंद्र पाल, राधेश्याम, ग्राम प्रधान विमल राघव, डब्बू, आदित्य सिंह, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
रिपोर्टर उपेंद्र शर्मा






